एयर इंडिया की फ्लाइट एआई171, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान था, गुरुवार को दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया, जिसमें विमान उड़ान भरते ही एक रिहायशी इलाके में गिर गया। इस हादसे में 265 लोगों की मौत हुई। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे जैसी ही एक घटना 47 साल पहले साल 1978 में घटी थी। एयर इंडिया का विमान मुंबई से उड़ान भरते ही अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे विमान में सवार 213 लोगों की मौत हो गई थी।
कैसे हुआ था 1978 में विमान हादसा
1978 में नए साल के पहले दिन एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 855, जिसका नाम एंप्रर अशोका था, मुंबई के सांता क्रूज इंटरनेशनल हवाई अड्डे (अब छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरोपोर्ट) से दुबई के लिए उड़ान भरी थी। फ्लाइट में 190 यात्री और 23 क्रू सदस्य थे। विमान ने रात के समय एयरपोर्ट के रनवे 27 से टेकऑफ किया था। 8 हजार फीट की ऊंचाई पर जाकर विमान अरब सागर की तरफ हल्का सा मुड़ा, लेकिन इस विमान का एटीट्यूड डायरेक्टर इंडीकेटर (एडीआई) खराब था। खराब होने की वजह से विमान के समतल होने पर भी वह विमान के विंग सीधे झुके होने का इशारा करता था।
विमान को 51 वर्षीय पायलट मदन लाल कुकर और इंदु विरमानी उड़ा रहे थे। दोनों को क्रमशः 18 हजार और 4500 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। फ्लाइट इंजीनियर अल्फ्रेडो फारिया ने एडीआई की खऱाबी का पता लगते ही पायलटों को चेताया था, लेकिन पायलटों ने चेतावनी को अनसुना कर दिया या उन्हें चेतावनी देर से मिली। विमान 108 डिग्री के कोण पर गिरता रहा और उथले पानी में जा गिरा। इससे विमान में सवार सभी 213 लोगों की मौत हो गई थी। माना जाता है कि पायलट विमान की दिशा का अंदाजा नहीं लगा पाए और विमान क्रैश हो गया।
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अहमदाबाद विमान हादसा
12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई 171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें विमान में सवार लोगों समेत कुल 265 लोगों की मौत हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अहमदाबाद विमान हादसे के समय विमान का अंडरकैरिज फैला हुआ था। विमान सामान्य तरीके से टेकऑफ हुआ था, लेकिन 400-500 फीट की ऊंचाई पर कुछ गड़बड़ हुई और हैरानी की बात ये है कि उस समय तक भी अंडरकैरिज को वापस नहीं लिया गया था। अंडरकैरिज को वापस लेने की वजह का खुलासा विमान के ब्लैक बॉक्स से ही हो सकता है, जिसकी जांच चल रही है।
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