अहमदाबाद-मुंबई रूट पर चलने वाली तेजस एक्सप्रेस की हालत खस्ताहाल हो गई है। आलम यह है कि इस रूट की तेजस एक्सप्रेस के डिब्बों में ना केवल पानी के रिसाव होता है बल्कि उसमें लगी एलसीडी स्क्रीन खराब हो चुकी है। इतना ही नहीं इस ट्रेन के शौचलय भी खराब हाल में हैं। इस कारपोरेट ट्रेन के हाल सुधारने के लिए आईआरसीटीसी ने रेलवे से वंदे भारत ट्रेन के डिब्बे आवंटित करने के लिए आग्रह किया है। आईआरसीटीसी ने इस बाबत रेलवे को पत्र भी लिखा है।
जानकारी के मुताबिक, आईआरसीटीसी ने जुलाई में रेलवे बोर्ड और पश्चिम रेलवे को पत्र लिखा था। इसमें कार्पोरेट ट्रेन के डिब्बों में पानी के रिसाव समेत एलसीडी स्क्रीन तथा शौचलयों की खराब स्थिति जैसे मुद्दे उठाए गए थे। आईआरसीटीसी ने यह भी आग्रह किया था कि इन मुद्दों का हल निकाला जाए। पत्र में आईआरसीटीसी ने कहा था कि ' कृपया, कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस के लिए वंदे भारत ट्रेन की एक ‘रैक’ आवंटित की जाए, जिसमें 16 डिब्बे हों। आईआरसीटीसी ने आगे कहा कि इससे मानसून के दौरान ट्रेन के डिब्बों से जुड़ी समस्याएं दूर होने के साथ ही तकनीकी समस्याएं भी दूर होगीं।
इस महीने की शुरुआत में लिखे गए पत्र में आईआरसीटीसी ने वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) के खत्म होने के बादमूल उपकरण निर्माताओं ओईएम द्वारा उपकरणों के रखरखाव के लिए कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराने का मुद्दा भी उठाया था। इसने कहा था कि डिब्बों के रखरखाव के अभाव में इनकी स्थिति बेकार हो गई है। इससे तेजस के ब्रांड को नुकसान पहुंचा है। साथ ही ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि रेलवे अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत ट्रेन का निर्माण करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को अहमदाबाद और मुंबई के बीच तीसरी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने वाले हैं। जिसको लेकर आईआरसीटीसी ने तेजस एक्सप्रेस और वंदे भारत ट्रेन के बीच यात्रियों के लिए संभावित लड़ाई पर चिंता जताई है। जल्द ही वंदे भारत ट्रेन और तेजस एक्सप्रेस को मुंबई और अहमदाबाद के बीच एक ही रूट पर समान समय में शुरू किया जाएगा। आईआरसीटीसी ने अगस्त और सितंबर में दो पत्रों में कहा था कि समय में टकराव तेजस एक्सप्रेस को शुरू करने के उद्देश्य के विपरीत होगा जो रेलवे की प्रीमियम कॉर्पोरेट ट्रेन है। आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को अवगत कराया था कि उसी रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरूआत से तेजस एक्सप्रेस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।