प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे। वहीं इससे पहले शुक्रवार को गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव राजीव कुमार के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। इसके बाद अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने कहा कि वायनाड भूस्खलन का प्रभाव बहुत बड़ा है और एक विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है। इस दौरान टीम ने केरल कैबिनेट उप-समिति के साथ मुलाकात की और तमाम बचाव कार्यों, राहत शिविरों, शवों के पोस्टमार्टम, मृतकों के रिश्तेदारों को शव सौंपने, अंतिम संस्कार, डीएनए नमूनों के संग्रह और लापता लोगों पर चर्चा की।
आवासीय क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र में भारी नुकसान
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के सदस्य सचिव डॉ. शेखर एल कुरियाकोस ने भूस्खलन के पीछे संभावित कारणों का विस्तृत विवरण दिया। वहीं राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उसने केंद्रीय टीम को सूचित किया है कि वायनाड के चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरी मट्टम क्षेत्रों में आवासीय क्षेत्रों और कृषि क्षेत्र दोनों में भारी नुकसान हुआ है।
'पुनर्वास के लिए दो हजार करोड़ रुपये की जरुरत'
राज्य सरकार ने कहा कि पुनर्वास के लिए ही दो हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसमें कहा गया है कि कृषि क्षेत्र, पशुधन, घरों, इमारतों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सड़कों और बिजली के साथ-साथ निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ है, और केंद्रीय टीम को आपदा प्रभावित क्षेत्र के ड्रोन वीडियो दिखाए। इस बीच, राज्य सरकार ने कहा कि जो लोग राहत शिविरों में हैं, उन्हें इस उद्देश्य के लिए पहचाने गए सरकारी क्वार्टरों समेत कई घरों में पुनर्वासित किया जाएगा।
प्रभावित क्षेत्रों में सफाई में लगेंगे 90 दिन- रियास
मंत्री पी. ए. मुहम्मद रियास ने कहा कि सरकारी आवासीय क्वार्टरों समेत 125 घर हैं और उनमें से अधिकांश लोगों के रहने के लिए तैयार हैं। रियास ने कहा कि कैबिनेट उप-समिति ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे बचे हुए लोगों के पुनर्वास के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य घरेलू उपकरणों की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सफाई कार्य में कम से कम 90 दिन लगेंगे और राहत शिविरों में लोगों को तब तक रखा जाएगा जब तक जरूरत होगी।
प्रभावितों को दी जाए नकद सहायता- केरल सरकार
राज्य सरकार ने यह भी कहा कि प्रभावित हुए लोगों को नकद सहायता प्रदान की जाएगी। कैबिनेट उप-समिति ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों से ऋण चुकौती की मांग करने वाले वित्तीय संस्थानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और इस मामले में केंद्रीय टीम के हस्तक्षेप की मांग की है।
शनिवार को नहीं चलेगा तलाशी अभियान- केरल
30 जुलाई को हुए विनाशकारी भूस्खलन में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। 197 शवों के अंग बरामद किए गए हैं, जबकि 133 लोग लापता हैं। वर्तमान में 78 लोग कई अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। वहीं सरकार ने सूचित किया है कि प्रधानमंत्री के दौरे के कारण शनिवार को कोई तलाशी अभियान नहीं होगा, लेकिन रविवार को यह फिर से शुरू होगा। बता दें कि इस वक्त वायनाड जिले में 23 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 744 परिवारों के 2,243 लोग रह रहे हैं। अकेले आपदा प्रभावित क्षेत्र में 14 शिविर चल रहे हैं, जहां 642 परिवारों के 1,855 लोग रह रहे हैं। सरकार ने बताया कि इनमें 451 बच्चे और 700 महिलाए हैं।