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अग्निवीरों का सेवा विस्तार: राजनाथ बोले- सेना मजबूत होगी, ओवैसी ने पूछा- बीमा मिलेगा; किसने क्या-क्या कहा?

Wed, 04 Nov 2026 05:40 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली।

सार

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर को मंजूरी दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे सेना में सुधार और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी बताया। सीडीएस ने स्पष्ट किया कि 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल मिलेंगे, जिसके बाद चयन के आधार पर नियमित सेवा का अवसर होगा। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने सुविधाओं और स्वास्थ्य बीमा पर सवाल उठाए, जबकि पवन खेड़ा ने इसे चुनाव से जोड़कर सरकार की आलोचना की।
 
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अग्निवीरों का सेवा विस्तार - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर होने वाले अग्निवीरों के लिए अब रास्ता बदलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने ऐसे 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सेवा का मौका देने का फैसला किया है। इसके बाद नियमित सैनिक बनने के इच्छुक अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार की पुरानी व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट और प्रदर्शन के आधार पर नियमित (स्थायी) सैनिक के रूप में सेना में रखा जाता है।
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सरकार के इस फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में सुधार की बात कही है, जबकि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने इसके अलग-अलग पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। आखिर इस फैसले पर किसने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर यानी 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' को मंजूरी दी गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को शुरुआती सेवा अवधि के बाद भी सशस्त्र बलों से जुड़े रहने का अवसर मिलेगा। राजनाथ सिंह के मुताबिक, यह फैसला सेना में लंबे समय से किए जा रहे सुधारों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ भर्ती नीति नहीं है, बल्कि युद्ध के बदलते स्वरूप के लिए भारतीय सेना को तैयार करने का रास्ता है।'
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75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त मौका: सीडीएस
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले को भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू करते समय अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार आकलन करने और समय-समय पर योजना की समीक्षा करने की बात कही गई थी। अब पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होने के करीब हैं और उनके प्रदर्शन का आकलन सकारात्मक रहा है। उन्होंने बताया कि पहले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल करने और बाकी 75 प्रतिशत को वापस नागरिक जीवन में भेजने का प्रावधान था। अब इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। इसके बाद जो अग्निवीर नियमित सेवा में जाना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित चयन मानकों पर खरा उतरना होगा।

असदुद्दीन ओवैसी बोले- स्वास्थ्य बीमा और नियमित जवानों जैसी सुविधाएं मिलेंगी या नहीं?
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी अग्निपथ योजना का शुरुआत से विरोध कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े किए। ओवैसी ने पूछा, 'क्या उन्हें स्वास्थ्य बीमा मिलेगा? क्या उन्हें सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों को मिलने वाली सुविधाएं दी जाएंगी? गांवों में इसके लिए तैयारी करने वाले युवाओं का क्या होगा?' उन्होंने कहा कि देश के आसपास सुरक्षा चुनौतियां हैं, ऐसे में अग्निवीरों के भविष्य और सुविधाओं को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।

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चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सरकार ने बदला फैसला: पवन खेड़ा
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही अग्निपथ योजना का विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना सेना और देश के युवाओं दोनों के लिए नुकसानदायक है। खेड़ा ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होना चाहते हैं। इसलिए सरकार ने विरोध के डर से अपना रुख बदला है। उन्होंने कहा, 'जब आप बिना सोचे-समझे कोई योजना लाते हैं, तो उसका यही नतीजा होता है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चार साल बाद युवाओं को रोजगार की चिंता के साथ छोड़ दिया जाता।

आखिर नए फैसले से अग्निवीरों को क्या मिलेगा?
सरकार के नए फैसले के तहत अग्निपथ योजना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल ही रहेगी। इसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाएगा, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि छह साल हो सकती है। इसके बाद नियमित सैनिक बनने के इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। सरकार का कहना है कि इससे सेना को मजबूत बनाने और अनुभवी अग्निवीरों को आगे सेवा का अवसर देने में मदद मिलेगी। हालांकि, विपक्ष ने इस फैसले के साथ अग्निवीरों की सुविधाओं, रोजगार और भविष्य को लेकर सवाल उठाए हैं।
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पूर्व नौसेना प्रमुख बोले- सेना और जवानों दोनों को होगा फायदा
भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल बढ़ाए जाने की खबर का स्वागत किया है। उन्होंने इसे अग्निवीरों और उनके परिवारों के लिए दिवाली का तोहफा बताया। त्रिपाठी ने कहा कि इस फैसले से जवानों के साथ सशस्त्र बलों को भी फायदा होगा। प्रशिक्षित जवानों की सेवाएं दो साल और मिलने से सेना को बेहतर मानव संसाधन मिलेगा। 
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