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निर्भया कांड के बाद और तेजी से बढ़ी रेप की घटनाएं, दरिंदों में नहीं दिखा डर

Mon, 09 Jul 2018 09:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निर्भया कांड के बाद लगातार यह दावा किया गया था कि अब रेप की घटनायें थम जाएंगी, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। जस्टिस जेएस वर्मा आयोग बनाया गया, संसद में उसकी रिपोर्ट पर चर्चा हुई और रेप जैसी दरिंदगी को रोकने के लिए कानून को और अधिक सख्त बनाने की बात हुई। नतीजा, छह साल बाद भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेप के मामले कम नहीं हो पा रहे हैं। जिस साल निर्भया कांड हुआ, दिल्ली में रेप के 706 मामले दर्ज हुए थे, पिछले वर्ष यह संख्या 2146 पर पहुंच गई है।

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अमूमन दिल्ली पुलिस की हर वार्षिक प्रेसवार्ता में पुलिस आयुक्त रेप के बढ़ते मामलों पर यह तर्क देकर अपना पल्लू झाड़ते नजर आए कि अब सभी मामले रिपोर्ट होते हैं। हर मामले की न केवल सुनवाई होती है, बल्कि उसे अंजाम तक पहुंचाया जाता है। इस बाबत इबहास सेंटर के मनोचिकित्सक एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर ओमप्रकाश का कहना है कि रेप एक मानसिक रोग नहीं है, बल्कि एक बड़ी सामाजिक समस्या है।

अब यह समस्या अपने विकृत एवं भयावह रूप में सामने आ रही है। यह बात सही है कि निर्भया के बाद सभी केसों की रिपोर्टिंग होने लगी है। इस अपराध की जड़ सामाजिक परिवेश में छिपी है। जैसे-जैसे सामाजिक संस्थाएं खत्म हो रही हैं, संयुक्त परिवार टूटते जा रहे हैं, वैसे ही छेड़छाड़ और रेप की घटना भी बढ़ती जा रही हैं। अगर आज कहीं पर कोई ऐसी घटना होती है तो लोग मदद करने की बजाए तमाशबीन बने रहना अधिक पसंद करते हैं।
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आजकल तो वे ऐसी घटना का वीडियो बनाकर उसे जल्द से जल्द वायरल करने में ही दिमाग लगाते हैं। डॉक्टर प्रकाश के मुताबिक हम मानवीय संस्कृति से पूरी तरह कटते जा रहे हैं। रही संस्कारों की बात तो वह भी आज गायब हो चले हैं। देश में यदि रेप जैसे अपराध को रोकना है तो उसके लिए सामाजिक तौर हमें एक होकर इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।
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दिल्ली में इतनी तेजी से बढ़े रेप

साल              रेप के मामले 
2011                 572 
2012                 706 
2013                 1636 
2014                 2166
2015                 2199
2016                 2155
2017                 2146 (15 जून तक 949)
2018                  995  (15 जून तक)

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