गुजराती लेखिका काजल ओजा वैद्य ने शनिवार को अहमदाबाद पुलिस की साइबर सेल में शिकायत की है कि एक अनाम यूजर ने फेसबुक पर उनके साथ गाली गलौच की है और उन्हें बदनाम कर रहा है।
'बीबीसी न्यूज गुजराती' के साथ एक इंटरव्यू में वैद्य ने मासिक धर्म से जुड़े अंधविश्वासों को खारिज किया था। उसके बाद से उनपर ऑनलाइन हमले हो रहे हैं।
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बीबीसी गुजराती को दिए इंटरव्यू में वैद्य ने कहा था कि वो महिलाओं के मंदिरों में जाने पर मासिक धर्म के दौरान लगे प्रतिबंध को नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि वो खुद मासिक धर्म के दौरान भी मंदिरों में गई हैं।
Kajal Oza Vaidya
इसके कुछ घंटों बाद ही उन्हें फोन पर उनके बेटे को मारने की धमकी मिली। उन्होंने बीबीसी से कहा, "फोन करने वाले ने कहा कि मैं पापी हूं और मैंने बीबीसी के इंटरव्यू में हिंदू धर्म को बदनाम किया है।''
मुखर गुजराती लेखिका ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बीबीसी से कहा, "सार्वजनिक रूप से मेरे साथ छेड़छाड़ भी की गई।
उसने (फेसबुक यूजर ने) मुझे बदनाम करने के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और उसने मेरे मृत बेटे के लिए भी अपशब्द कहे।"
Kajal Oza Vaidya
काजल ओजा वैद्य गुजराती की एक जानी-मानी लेखिका हैं। वे 'द्रौपदी' और 'शुक्र-मंगल' समेत 50 से भी अधिक गुजराती किताबें लिख चुकी हैं। वैद्य बीबीसी से #Letstalkperiods सिरीज के दौरान बात कर रही थीं।
इस सिरीज में मासिक धर्म के दौरान आने वाली चुनौतियों और संघर्षों पर बातचीत के लिए महिलाओं को आमंत्रित किया जाता है। इस इंटरव्यू से नाराज कुछ फेसबुक यूजर्स ने वैद्य पर व्यक्तिगत हमला किया।
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उन्होंने कहा, मैं सो नहीं पा रही, मुझे मनोचिकित्सक के पास जाना होगा। साइबर अपराध सेल ने कहा कि उसने जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम सेल के जेएस गेडम ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में फेसबुक से भी जानकारी मांगी है।