देश के 65 जिलों में ट्रायल सफल होने के बाद अब केंद्र सरकार आगामी सात अगस्त से देशभर में मातृ व शिशु टीकाकरण के लिए यूविन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करेगी। कोरोना काल में जिस कोविन वेबसाइट पर जाकर टीकाकरण के लिए पंजीयन किया गया, ठीक उसी प्रकार यह यूविन वेबसाइट है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जच्चा-बच्चा का पूरा ख्याल रखेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इसी साल 11 जनवरी से ओडिशा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित सभी राज्य के दो-दो जिलों में चला ट्रायल सफल होने के बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया है। आशा और एएनएम कर्मचारियों के पास मौजूद टेबलेट में इंटरनेट के जरिये पूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इस मंच का इस्तेमाल गर्भवती महिला का पंजीकरण और टीकाकरण करने, प्रसव की जानकारी रखने, जन्मे शिशु को पंजीकृत करने और जन्म के समय और बाद में दिए जाने वाले टीके का रिकॉर्ड रखने के लिए किया जाएगा।
अभी पूरा रिकॉर्ड डिजिटल नहीं, यूविन से खत्म होगी समस्या
अधिकारियों ने बताया कि मातृ और शिशु टीकाकरण का अभी रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल नहीं है। हर साल इसे तैयार करने के लिए सभी राज्यों में अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाना पड़ता है, लेकिन अब यूविन से यह समस्या खत्म होगी। लाभार्थी टीकाकरण के लिए पहले से ही समय ले सकेगा और इससे उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में भी सहूलियत होगी।
कार्ड संभालने का झंझट नहीं
जच्चा-बच्चा को लगने वाले टीकों के कार्ड को संभालकर रखने का झंझट नहीं होगा। जिस तरह कोरोना का टीका लेने के बाद कोविन वेबसाइट पर आपको प्रमाण पत्र मिला, उसी तरह मातृ शिशु टीकाकरण का प्रमाण पत्र भी डिजिटल रूप से यूविन पर उपलब्ध होगा। टीके की अगली खुराक कब लेनी है, एआई इसे याद रखेगा और समय आने पर आपके फोन पर मैसेज भेजेगा।