जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विवादित प्रावधानों के निरस्त होने के बाद कई कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को रिलायंस ने कश्मीर में निवेश करने की बात कही है। इसके बाद एक और कंपनी 'राशि जल' ने कश्मीर में निवेश करने की बात कही है। कंपनी पेयजल सहित अनेक प्रकार की खाद्य वस्तुओं का व्यापार करती है। कंपनी के सीईओ गौरव मित्तल ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल को एक पत्र लिखकर कहा है कि अगर कंपनी को कश्मीर में निवेश हेतु बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जाता है तो वह वहां अपना प्लांट स्थापित करने के लिए तैयार है।
इसी बीच, जम्मू-कश्मीर में 12 अक्टूबर से इन्वेस्टर समिट कराने की योजना भी बनाई गई है जिसके माध्यम से विश्व के बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। आजाद हिंदुस्तान में जम्मू-कश्मीर में होने वाली यह पहली इन्वेस्टर समिट होगी।
गौरव मित्तल के मुताबिक कश्मीर की पहाड़ियों से निकलने वाला जल बेहद शुद्ध क्वालिटी का होता है। कई कंपनियां हिमालय जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध जल की बॉटलिंग कर लोगों को उपलब्ध करा रही हैं। कश्मीर का क्षेत्र भी प्रदूषण से मुक्त है और इसका जल भी लोगों को काफी पसंद आएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी प्राथमिक स्तर पर मध्यम स्तर का प्लांट लगाने के बारे में सोच रही है। इसके माध्यम से कश्मीर के कम से कम एक हजार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।