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India-US Ties: व्यापार पर भारत-अमेरिका के शीर्ष पदाधिकारियों की बात नहीं, ये मुद्दा PM-वेंस वार्ता में भी नहीं

Mon, 12 May 2025 09:58 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारत और अमेरिका के संबंधों पर लगातार बयानबाजी हो रही है। हालांकि, व्यापार के मुद्दे पर भारत-अमेरिका के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच बात नहीं होने का दावा किया गया है। यहां तक कि द्विपक्षीय व्यापार का ये मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच हुई बातचीत का भी हिस्सा नहीं था। सूत्रों ने ये दावा किया है।
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राष्ट्रपति ट्रंप से मिलते पीएम मोदी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सरकार के सूत्रों ने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर अहम जानकारी दी है। समाचार एजेंसी एएनआई के ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। इसके बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 मई और 10 मई को विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और 10 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से बात की। सूत्रों के मुताबिक इनमें से किसी भी चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार का कोई संदर्भ नहीं था।

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ट्रंप ने दोनों देशों के बीच रिश्ते पर दिया बड़ा बयान
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस वार्ता में चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा, हमने भारत-पाक से कहा था कि संघर्ष नहीं रोका तो व्यापार नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा, 'शनिवार को, मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तत्काल संघर्ष विराम कराने में मदद की, मुझे लगता है कि यह स्थायी युद्धविराम होगा... दोनों देशों के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं।

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अमेरिका और चीने के बीच टैरिफ को लेकर बनी सहमति
गौरतलब है कि इन सूचनाओं के सामने आने से पहले आज चीन और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि, वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए उनके द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों के महत्व देखते हुए दोनों देशों के बीच टैरिफ पर सहमति बनी है। अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हुए है कि वे 90 दिनों के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और जवाबी शुल्क वापस ले लेंगे। इस बीच चीन और अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाएगा और अमेरिका चीनी वस्तुओं पर लगभग 30 प्रतिशत कर लगाएगा।

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भारतीय बाजार को मिलेगा डंपिंग का समाधान
बाजार के वरिष्ठ विशेषज्ञ किशोर ओस्तवाल का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच बनी सहमति विश्व व्यापार के लिए अच्छी खबर है। वैश्विक स्तर पर होने वाले व्यापार में जो व्यवधान टैरिफ की वजह से पड़ रहे थे, उसके लिए यह घोषणा अच्छी है। भारत पर भी इसका असर होगा क्योंकि चीन एक बार फिर अमेरिका में अपनी वस्तुओं का व्यापार कर सकेगा और भारत में डंपिंग की समस्या नहीं होगी। टैरिफ में कमी के बाद भी भारत के बाजार में बढ़त दिख रही है। अमेरिका के लिए भारतीय बाजार काफी महत्वपूर्ण है और वह भारत को प्राथमिकता देता है। इसलिए भारतीय बाजार अपनी तरह से आगे बढ़ते रहेंगे।

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