इराक के मोसुल शहर को इस्लामिक संगठन आईएसआईएस से आजादी मिलने के बाद 2014 में किडनैप कर लिए गए भारतीय लापता मजदूर मिलने शुरू हो गए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मोसुल की इस आजादी को भारत सरकार ने भी वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ जीत की शुरूआत कहा है।
भारत सरकार मोसुल की आजादी के बाद अपने विभिन्न माध्यमों से अपने भारतीय वर्कर्स की खोज करना शुरू कर दिया है। 2014 में आतंकियों की ओर से किडनैप किए गए इन 39 भारतीयों के बारे इसके पहले तक इनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए
विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह इर्बिल पहुंचे हैं।
मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि मोसुल की आजादी के बाद भारत सरकार ने अपनी ओर से 2014 में लापता हुए इंडियंस की खोज शुरू कर दी है। बागले ने आगे कहा कि इराक में भारतीय राजदूत और इर्बिल उच्चायुक्त को भारतीय नागरिकों की खोज लगाने के लिए कहा गया है। इस काम में इराक और अन्य जांच एजेंसियों ने भी मदद करने की घोषणा की है।
मामले में सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पंजाब के
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय 39 भारतीयों को ढूंढने के लिए सभी प्रयास कर रहा है, जो ज्यादातर पंजाब से हैं। जिनको 2014 से मोसुल में बंधक बना लिया गया था।