गुजरात सरकार ने शनिवार को सूरत के वार्ड नंबर 1 से 12 और वडोदरा के बापोद थाना क्षेत्र के कुछ रिहायशी कालोनियों में ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ लागू कर दिया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ लागू होने के बाद इन क्षेत्रों के भूमि और अन्य अचल संपत्तियों के मालिकों को अपनी संपत्ति बेचने से पहले इसके लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी होगी।
सूरत से भाजपा विधायक संगीता पाटिल ने हाल ही में अपने विधानसभा क्षेत्र लिंबायत में ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ लागू करने की मांग की थी। उनकी इस मांग का उद्देश्य मुस्लिमों को हिंदुओं की संपत्ति हासिल करने से रोकना था। लिंबायत इलाके के लोगों की ओर से बार-बार मांग किए जाने के बाद पाटिल ने ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ लागू करने के लिए जिले के कलेक्टर को पत्र लिखा था।
सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में संपत्ति हस्तांतरण पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में वडोदरा समेत कई इलाकों में ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम-1991’ लागू है। इस अधिनियम के तहत संपत्ति बेचने से पहले कलेक्टर की अनुमति जरूरी है।