राम मंदिर निर्माण को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद शिवसेना ने भाजपा से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने को कहा है। दो दिन पहले संघ के कार्यक्रम में भागवत ने राम मंदिर जल्द बनाए जाने का समर्थन किया था।
केंद्र में भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में शुक्रवार को कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष अमित शाह आत्मविश्वास से कहते हैं कि भाजपा अगले 50 साल तक सत्ता में बनी रहेगी, लेकिन जब राम मंदिर या जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने की बात होती है तो वह किनारा कर लेते हैं।
भागवत के बयान के बाद नरेंद्र मोदी सरकार को राम मंदिर मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए।’ शिवसेना ने कहा कि राम मंदिर चुनावी वादों तक सीमित रह गया है, जो हिंदुत्व के उपहास की वजह बन चुका है।
भागवत ने कार्यक्रम में कहा था कि संघ जम्मू-कश्मीर से धारा-370 खत्म करने को लेकर दृढ़ है। इस पर शिवसेना ने भाजपा से पूछा कि अगर वास्तव में ऐसा है तो उसने महबूबा मुफ्ती की पार्टी से गठबंधन क्यों किया, जो इसके खिलाफ है। अगर कोई 50 वर्ष तक सत्ता में रहना चाहता है तो फिर आरएसएस प्रमुख को चीजें सही करने के लिए राजनेताओं को ठीक करने की जरूरत है।