कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता आनंद शर्मा
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कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति को आक्रामक बनाया है। पार्टी ने अमित शाह के बेटे जय अमित शाह की कंपनी टेंपल इंटरप्राइजेज प्रा. लि. पर लगे आरोपों के बाद भाजपा अध्यक्ष से इस्तीफा मांगने की योजना बनाई है।
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि मंगलवार से इसके बाबत देश भर में कांग्रेस के कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। अलग-अलग राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने इस अभियान को लंबे समय तक चलाने के लिए क्रमवार प्रदर्शन करने तथा भाजपा अध्यक्ष का नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगने का निर्णय लिया है।
सोमवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस भाजपा अध्यक्ष का इस्तीफा मांग सकती है। हरियाणा के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर भी अमित शाह के पुत्र के घोटाले में लिप्त होने के आरोप में प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई ने आवाज बुलंद करने की योजना बनाई है। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि अमित शाह के बेटे और उनके परिवार के नाम पर पंजीकृत टेंपल इंटरप्राइजेज प्रा. लि. के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जवाब देना चाहिए।
पार्टी के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का इस्तीफा लेने की मांग की है। आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को चाहिए कि मामले की तहकीकात के लिए एक निष्पक्ष तथा विश्वसनीय कदम उठाएं। उच्चतम न्यायालय के दो पदासीन न्यायाधीशों का जांच आयोग गठित किया जाए और वह जल्द से जल्द जांच करके अपनी रिपोर्ट दे।
भाजपा अध्यक्षों का रहा है इतिहास
कांग्रेस ने भाजपा को उसके अध्यक्षों के आर्थिक अनियमितता में पहले भी लिप्त होते रहने की याद दिलाई है। पार्टी के प्रवक्ता आनंद शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों के पहले भी आचरण शंकास्पद रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैन हवाला कांड के बाद तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने पद से इस्तीफा देकर मुकदमें में फैसला होने तक कोई पद न लेना स्वीकार किया था।
तहलका कांड में भाजपा अध्यक्ष बंगारु लक्ष्मण ने रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद पद से इस्तीफा दिया था। नितिन गडकरी ने भी आरोप लगने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसलिए अमित शाह को भी चाहिए कि वह अपने पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दें और सरकार मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराए।