कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इस बैठक में राज्य के चीफ सेक्रेटरी, होम सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, कोलकाता पुलिस कमीश्नर, एसपी समते कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री शामिल होंगे।
यह बैठक कोर्ट के आदेश को देखते हुए बुलाई गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई जगहों पर दूर्गा पूजा का उद्घाटन किया, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले पर कुछ भी नहीं बोला। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि यह लोगों पर निर्भर करता है कि वह मूर्ति विसर्जन के लिए कब जाएंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों के पास पूरा अधिकार है, और जनता का फैसला ही सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि अगर मैं किसी मुस्लिम त्योहार में शामिल होती हूं तो लोगों को दिक्कत होती है, लेकिन जब मैं छठ पूजा में जाती हूं तो कोई भी नहीं पूछता। जब मैं मंदिर या चर्च जाती हूं तो भी कोई दिक्कत नहीं होती है।
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ममता ने कहा कि मैं कुछ सिद्धांतों के साथ बड़ी हुई हूं और मैं यह किसी भी हालात में बदल नहीं सकती। मेरे लिए सभी धर्म समान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के खिलाफ चाल चल रही है। वह समय-समय पर अलग-अलग एजेंसियों की मदद लेती रहती है। मुझे भगवान पर भरोसा है, और हम इस षड्यंत्र से बाहर जरूर आएंगे।
उन्होंने कहा कि मां (दूर्गा मां) सब कुछ देख रही हैं, और वह सभी को जवाब देंगी।