आईटी मामलों के विशेषज्ञ रामानुज के मुताबिक आयोग आचार संहिता का अनुपालन नहीं करने या उनका उल्लंघन करने वाले सोशल मीडिया को देश में प्रतिबंधित करने का नियम तय कर सकता है। इसके अलावा विदेश में बैठकर भारतीयों को सेवाएं देने वाले सोशल मीडिया के खिलाफ और कोई कदम उठाना मुमकिन नहीं, क्योंकि भारत में डाटा संरक्षण की कोई नीति नहीं है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अगर सवा अरब की आबादी वाले देश में अपने व्यवसाय को बरकरार रखना चाहेगा तो आयोग की आचार संहिता से किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं करेगा। गौरतलब है कि डाटा लीक मामले में पहले नोटिस के जवाब में फेसबुक ने कहा था कि भारत के 5.62 लाख लोगों की सूचनाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन भारतीयों के फेसबुक डाटा के दुरुपयोग से उसने इनकार किया था। इसी वजह से सरकार ने एनालिटिका को दूसरे नोटिस में बिंदुवार पांच सवालों के स्पष्ट जवाब देने को कहा है।