अब महज बाकी आठ मैचों में नए कप्तान श्रेयस से दिल्ली टीम से सभी मैचों में श्रेष्ठतम प्रदर्शन की आस करना किसी करिश्मे की ही आस करना है। दिल्ली को जीत की राह पर लौटना है तो उसके लिए इस सीजन में छह मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऋषभ पंत (227 रन), जेसन रॉय (तीन मैच, 97 रन) को तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी जारी रखनी होगी। दरअसल दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए उनके नाम के मुताबिक जांबाज प्रदर्शन अकेले ऋषभ पंत ने ही किया है।
दिल्ली भले ही केकेआर से उसके घर कोलकाता में ईडन गार्डन पर भले ही हार गई थी लेकिन वहां पंत और ग्लेन मैक्सवेल का ही बल्ला बोला था। ऐसे में बतौर बल्लेबाज ऋषभ पंत के हौसले दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए जरूर सबसे बुलंद हैं। दिल्ली को जीत की राह पर लौटने के लिए ओपनर इंग्लैंड के जेसन राय और भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ की सलामी जोड़ी को टीम को तूफानी आगाज करना होगा। अधबीच कप्तानी छोडने वाले गंभीर की बल्ले से नाकामी के चलते दिल्ली के कोच रिकी पॉन्टिंग के लिए उनके लिए अंतिम एकादश में जगह तलाशना भी मुश्किल होगा।
दिल्ली के गेंदबाजों के लिए स्थानीय धुरंधर नीतिश राणा, क्रिस लिन और कोलकाता में महज दो ओवर में केकेआर के आधा दर्जन छक्के जड़ कर 41 रन की तूफानी पारी खेलने वाले वेस्ट इंडीज के आंद्रे रसेल ,कप्तान दिनेश कार्तिक और रॉबिन उथप्पा के साथ भारत की न्यूजीलैंड में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाले शुभमन गिल को इससे पहले के वे जमे आउट कर पैवेलियन लौटाने की बड़ी चुनौती होगी। रसेल,कार्तिक, राणा, लिन और उथप्पा सभी डेढ़ सौ से ज्यादा रन बनाकर रंग में हैं। दिल्ली के लिए रफ्तार के सौदागर न्यूजीलैंड के छह मैचों ट्रेंट बोल्ट (नौ विकेट) और लेग स्पिनर राहुल तेवतिया (छह विकेट) तथा इंग्लैंड के लियम प्लेकेंट (एक मैच तीन विकेट) लिया है। भले ही लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने दो मैचों में कोई विकेट नहीं लिया लेकिन वह रंग में रहे तो फिर दिल्ली के आक्रमण के तुरुप के इक्के साबित हो सकते हैं।
गौतम गंभीर भले यह कहें कि दिल्ली की कप्तानी छोडने का फैसला उनका और केवल उनका फैसला था लेकिन हकीकत यही है कि टीम प्रबंधन ने बतौर कप्तान और बल्लेबाज उनके निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह उन्हें इशारों-इशारों में संकेत दे दिया खुद ही अलग होने को कह दिया था। डेयरडेविल्स के टीम प्रबंधन का केकेआर के खिलाफ अहम मैच से टवीट में वे कुछ बड़े बदलाव करने वाले हैं गंभीर को हटाए जाने की ओर साफ संकेत था।
गंभीर भले ही यह कहें कि उन्होंने दिल्ली के हित को पहले रखा है लेकिन बड़ा सवाल है कि गंभीर ने कप्तानी के लिए मौजूदा आईपीएल में दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऋषभ पंत (227) की बजाय श्रेयस अय्यर का नाम क्यों सुझाया? दरअसल ऋषभ पंत रणजी ट्रॉफी सहित कई अहम टूर्नामेंट में दिल्ली की कप्तानी कर ही चुके हैं वह भारत की अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान रह चुके हैं। श्रेयस अय्यर को कप्तानी का कोई खास अनुभव नहीं है और वह भले ही कहें कि उन्हें चुनौतियां रास आती हैं लेकिन उनके पास चुनौतियों से लडने वाले जाबांज दिल्ली टीम में नहीं दिखते हैं। श्रेयस (151 रन) छह मैचों में दिल्ली के लिए दो हाफ सेंचुरी सहित रन बनाने में दूसरे नाम है।