लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को बयान दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भी कमल खिल गया है। दिल्ली बच गई थी, लेकिन अब आयुष्मान भारत दिल्ली में भी आ चुका है। अपने बयान में आगे उन्होंने पश्चिम बंगाल को लेकर इशारा करते हुए कहा कि अब केवल पश्चिम बंगाल बचा है, और चुनाव के बाद वहां भी कमल खिलेगा और आयुष्मान भारत पश्चिम बंगाल में भी आएगा।
इस विधेयक से ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय का नामकरण इस आधार पर किया गया है क्योंकि यह सहकारिता के एक ऐसे मॉडल पर आधारित है, जिसने पूरी दुनिया को चकित किया। उनका कहना था कि यह नाम एक ऐसे व्यक्ति के सिद्धांतों पर आधारित है, जिन्होंने गांधी जी के सिद्धांतों को अपनाया और ईमानदारी से सहकारिता के सिद्धांतों को जीवन में उतारा।
ये भी पढ़ें:- MEA: 'USCIRF खुद चिंता का विषय', विदेश मंत्रालय ने खारिज की अमेरिकी पैनल की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट