दो महिला नौसेना अधिकारी, लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के
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चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा का किया सफर
उन्होंने चार महाद्वीप, तीन महासागर और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री रास्तों में से तीन ग्रेट केप्स को पार किया। यह यात्रा पूरी तरह से सेल (पवन चालित पाल) और समुद्री हवाओं के भरोसे की गई, जिसमें उन्होंने भारी बारिश, तेज हवाएं और ऊंची लहरों का डटकर सामना किया।
आठ महीने बाद होगी INSV तरिणी की ऐतिहासिक वापसी
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विदेशों में बढ़ाया भारत का मान
लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा और दिलना की जोड़ी को अब सोशल मीडिया पर प्यार से '#DilRoo' कहा जा रहा है। दोनों ने ‘नविका सागर परिक्रमा-2’ अभियान के तहत यह अद्भुत कारनामा किया है। इस दौरान वे ऑस्ट्रेलिया (फ्रीमेन्टल), न्यूज़ीलैंड (लिटलटन), फॉकलैंड आइलैंड्स (पोर्ट स्टैनली) और दक्षिण अफ्रीका (केप टाउन) जैसे विदेशी बंदरगाहों पर रुकीं और कई राजनयिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने भारतीय प्रवासी, विद्यार्थियों, नेताओं और नौसेना कैडेट्स से मुलाकात कर भारत का गौरव बढ़ाया।
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एडमिरल त्रिपाठी ने की दोनों अधिकारियों की सराहना
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'महिला शक्ति और समुद्री परंपरा का प्रतीक'
इस अवसर पर भारतीय नौसेना ने दोनों अधिकारियों के ऐतिहासिक सफर की सराहना की। नौसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह यात्रा भारत की समुद्री शक्ति, नारी शक्ति और नवाचार का प्रतीक है। यह मिशन साहसी दिल, असीम सागर की भावना को दर्शाता है। हाल ही में जब आईएनएसवी तरिणी ने उत्तरी गोलार्द्ध में प्रवेश किया, तब नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने वीडियो कॉल के जरिए दोनों अधिकारियों से बात कर उनके संघर्ष, कौशल और जज्बे की सराहना की।