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CBI Probe Shubham Shokeen: भारत की अपील पर इंटरपोल का पहला सिल्वर नोटिस जारी; वैश्विक संपत्ति से जुड़ा है केस

Wed, 28 May 2025 12:31 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

फ्रांस के दूतावास में भारतीय कर्मचारी शुभम शौकीन की वैश्विक संपत्तियों से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच की इसी कड़ी में भारत की अपील पर पहली बार इंटरपोल ने सिल्वर नोटिस जारी किया है। जानिए शुभम शौकीन से जुड़ा क्या है यह पूरा मामला
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सीबीआई - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारत की अपील पर इंटरपोल ने पहली बार सिल्वर नोटिस जारी किया है। वैश्विक संपत्ति से जुड़े इस मामले में फ्रांस के दूतावास में पदस्थापित अधिकारी शुभम शौकीन के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले से जुड़ा ताजा अपडेट यह है कि इंटरपोल ने भारत में वांछित दो आरोपियों के खिलाफ सिल्वर नोटिस जारी किए हैं। 23 मई को सीबीआई ने वीजा धोखाधड़ी के आरोप में नई दिल्ली स्थित एक विदेशी दूतावास के तत्कालीन कार्मिक वीजा और स्थानीय विधि अधिकारी शौकीन शुभम के खिलाफ भारत का पहला सिल्वर नोटिस जारी करवाया।

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वीजा आवेदकों को रिश्वत लेकर मुहैया कराए शेंगेन वीजा
शुभम शौकीन पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2019 से मई 2022 के दौरान 15 लाख रुपये से 45 लाख रुपये तक की रिश्वत लेकर कई वीजा आवेदकों को शेंगेन वीजा जारी कराए। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि वीजा धोखाधड़ी से कमाए पैसों से आरोपी ने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में 15 करोड़ 73 लाख 51 हजार 250 रुपए यानी 7,760,500 दिरहम कीमत की छह अचल संपत्तियां खरीदी थी। इसके बाद 26 मई को सीबीआई ने ईडी के अनुरोध पर अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ दूसरा सिल्वर नोटिस जारी करवाया।

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113.10 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया
सीबीआई का आरोप है कि अमित मदनलाल लखनपाल ने अपने वित्तीय लाभ के लिए एमटीसी नाम की एक डिजिटल/क्रिप्टो-करेंसी बनाई। जिसे भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है। उसने निवेशकों को लालच दिया और उन्हें एमटीसी में निवेश के लिए करीब 113.10 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया। अंत में उसने निवेश के समय किए गए वादे के अनुसार निवेशित राशि वापस नहीं की। उसने करोड़ों रुपये गबन कर लिए। अब सीबीआई इन नोटिस के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

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क्या होता है सिल्वर नोटिस
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को कहा कि सिल्वर नोटिस के माध्यम से सदस्य देश किसी व्यक्ति की आपराधिक गतिविधियों जैसे धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी, पर्यावरण अपराध और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़ी संपत्तियों के बारे में जानकारी का अनुरोध कर सकते हैं। इससे संपत्तियों, वाहनों, वित्तीय खातों और व्यवसायों सहित लॉन्डरिंग संपत्तियों के बारे में जानकारी का पता लगाने, पहचानने और प्राप्त करने में सुविधा होती है। वर्तमान में, सिल्वर नोटिस को 51 देशों और क्षेत्रों को शामिल करते हुए पायलट चरण के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया है, जो कम से कम नवंबर 2025 तक चलेगा। पायलट चरण के हिस्से के रूप में प्रत्येक देश 9 सिल्वर नोटिस प्रकाशित करवा सकता है।
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