वीजा आवेदकों को रिश्वत लेकर मुहैया कराए शेंगेन वीजा
शुभम शौकीन पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2019 से मई 2022 के दौरान 15 लाख रुपये से 45 लाख रुपये तक की रिश्वत लेकर कई वीजा आवेदकों को शेंगेन वीजा जारी कराए। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि वीजा धोखाधड़ी से कमाए पैसों से आरोपी ने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में 15 करोड़ 73 लाख 51 हजार 250 रुपए यानी 7,760,500 दिरहम कीमत की छह अचल संपत्तियां खरीदी थी। इसके बाद 26 मई को सीबीआई ने ईडी के अनुरोध पर अमित मदनलाल लखनपाल के खिलाफ दूसरा सिल्वर नोटिस जारी करवाया।
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113.10 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया
सीबीआई का आरोप है कि अमित मदनलाल लखनपाल ने अपने वित्तीय लाभ के लिए एमटीसी नाम की एक डिजिटल/क्रिप्टो-करेंसी बनाई। जिसे भारत में मान्यता प्राप्त नहीं है। उसने निवेशकों को लालच दिया और उन्हें एमटीसी में निवेश के लिए करीब 113.10 करोड़ रुपए का फंड इकट्ठा किया। अंत में उसने निवेश के समय किए गए वादे के अनुसार निवेशित राशि वापस नहीं की। उसने करोड़ों रुपये गबन कर लिए। अब सीबीआई इन नोटिस के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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