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पर्वतारोहियों को मिला 1968 विमान क्रैश में मारे गए सैनिक का शव

Sat, 21 Jul 2018 04:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में पर्वतारोहियों को एक विमान क्रैश में मारे गए सैनिक का शव मिला है। आज से 50 साल पहले भारतीय वायु सेना का वह विमान एएन-12 उत्तरकाशी में क्रैश हो गया था। उस वक्त विमान में 102 लोग सवार थे। विमान चंडीगढ़ से लेह के लिए उड़ान भर रहा था। वहां चल रहे पर्वतारोहण अभियान के दौरान कुछ पर्वतारोहियों को एक शव मिला।

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जहां वह शव मिला है वहीं पर दुर्घटनाग्रस्त विमान के हिस्से भी मिले हैं। जिस दल को वह शव मिला है वह 1 जुलाई को चंद्रभाग-13 की साफ सफाई के लिए गया था। सैनिक का शव और मलबा ढाका ग्लेशियर बेस कैंप पर मिला जो समुद्र की सतह से 6,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

चोटी पर चढ़ाई करने वाली टीम के एक सदस्य राजीव रावत का कहना है कि पहले तो उन्हें विमान के कुछ टुकड़े मिले। इसके कुछ ही दूरी पर एक सैनिक का शव भी मिला। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने विमान के मलबे और शव का फोटो खींचा और 16 जुलाई को आर्मी के हाई ऑल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल भेज दिया। जिसके बाद सेना के अधिकारियों ने उस इलाके में खोज अभियान शुरू किया।
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वह विमान सोवियत संघ में बना था। 102 लोगों में 98 यात्री और 4 क्रू मेंबर थे। विमान 7 फरवरी 1968 को लापता हो गया था। जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ से लेह के लिए उड़ान भरने के बाद खराब मौसम की सूचना मिलते ही पायलट ने वापस चंडीडढ़ जाने की योजना बनाई। रडार से गायब होने से पहले उस विमान का ठिकाना रोहतांग दर्रे के ऊपर बताया गया था।

गौतरलब है कि हादसे के 35 साल बाद भी साल 2003 में मनाली के एबीबी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियर एंड अलायड स्पोर्टस के पर्वतारोहियों को दक्षिण ढाका ग्लेशियर में विमान का कुछ मलबा मिला था। साथ में उन्हें विमान में सवार सैनिक बेली राम का शव भी मिला था।

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