फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

MP New CM: 30 साल बाद मध्य प्रदेश में देखने को मिल रही CM पद के लिए लॉबिंग; BJP में पहली बार क्यों मचा घमासान?

राहुल संपाल
Updated Thu, 07 Dec 2023 04:06 PM IST

सार

बीते दो दशक के दौरान मध्यप्रदेश में सीएम की कुर्सी को लेकर सियासी उठा पटक सामने नहीं आई है। 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में भाजपा ने 173 सीटें जीत कर नया रिकॉर्ड बनाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Madhya Pradesh CM Faces - फोटो : Amar Ujala


दरअसल,मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के पद को लेकर 30 साल बाद एक बार फिर जोर-शोर से लॉबिंग चल रही है। बहुमत से जीतकर आई भाजपा में यह पहला मौका जब एक साथ कई दिग्गजों के नाम बतौर दावेदार उभरे हैं। शिवराज चौहान दावेदार माने जा रहे हैं। सभी नेता अपनी तरफ से कह चुके हैं कि वे रेस में नहीं है, लेकिन पिछले 3 तीन दिन से एक ही सवाल का जवाब खोजा जा रहा है कि प्रदेश का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इससे पहले 1993 में कांग्रेस विधायक दल के नेता को लेकर जमकर लॉबिंग हुई थी। पांच दिग्गज नेताओं के नाम चले फिर दिग्विजय सिंह और श्यामाचरण शुक्ल के बीच वोटिंग में फैसला हुआ था।


भाजपा में पहली बार चल रही है उठापटक

बीते दो दशक के दौरान मध्यप्रदेश में सीएम की कुर्सी को लेकर सियासी उठा पटक सामने नहीं आई है। 2003 में उमा भारती के नेतृत्व में भाजपा ने 173 सीटें जीत कर नया रिकॉर्ड बनाया था। वह विधायक दल की नेता चुनी गई। बाद में साढ़े 8 माह बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। फिर बाबूलाल गौर राज्य के सीएम बने। सवा साल बाद 29 नवंबर 2005 को गौर का इस्तीफा हुआ। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हुए। 18 साल से शिवराज ही सीएम है, लेकिन 2018 में सवा साल कमलनाथ सरकार आई। 2020 में सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद एक बार फिर भाजपा की सरकार बनी। इस सरकार में भी  शिवराज सीएम बनाए गए।  


नए चेहरे को मौका दे सकता है हाईकमान

दिल्ली में पीएम निवास में बुधवार को नेता चयन और मंत्रिमंडल को लेकर लंबा मंथन हुआ। दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह की चौंकाने वाली कार्यशैली के चलते भी मप्र की सियासी सरगर्मी एकाएक उफान पर है। भाजपा ने मौजूदा चुनाव किसी भी चेहरे पर नहीं लड़ा था। केवल पीएम मोदी का ही चेहरा सामने रखा। भाजपा गुजरात, हरियाणा, उत्तराखंड, यूपी और गुजरात में जिस अंदाज में नए चेहरे को बतौर सीएम लाई उससे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में भी नए चेहरे को लेकर ही सियासी चर्चाएं ज्यादा हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next