अगर गोरखपुर लोकसभा सीट पर सिलसिलेवार नजर डालें तो पाएंगे की आजादी के बाद पहली बार 1952 में लोकसभा चुनाव हुआ तो कांग्रेस ने जीत दर्ज की और 1967 तक ये सीट कांग्रेस के पास रही।
लेकिन 1967 में हुए चौथे लोकसभा चुनाव में गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ ने निर्दलीय रूप में जीत दर्ज की। इसके बाद 1970 में महंत अवैद्यनाथ ने ये सीट जीती। 1971 में कांग्रेस ने एक बार फिर वापसी की लेकिन बदलाव के बयार में 1977 में हुए चुनावों में लोकदल के हरिकेश बहादुर ने जीत दर्ज की। बता दें कि 1984 में कांग्रेस के मदन पाण्डेय ने यहां से आखिरी बार जीत दर्ज की। इसके बाद आज तक कांग्रेस पार्टी वापसी नहीं कर सकी।
बता दें कि आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ 1989,1991 और 1996 के लिए बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी ।अवैद्यनाथ की विरासत को योगी आदित्यनाथ ने संभाला और मुख्यमंत्री बनने तक वह 1998 से लगातार पांच बार यहां से सांसद बनते रहे। वह 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर जीते।