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Good News: अब पहाड़ी इलाके में ड्रोन से खून-दवाई भेजने पर मंथन; AFMS DG आरती सरीन अंतरिक्ष-शुभांशु पर भी बोलीं

Sun, 13 Jul 2025 12:14 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (एएफएमएस) महानिदेशक, सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कहा कि एएफएमएस पहाड़ी और दूरदराज इलाकों में ड्रोन से दवाइयां, खून की थैलियां और अन्य जरूरी मेडिकल सामग्री पहुंचाने पर मंथन कर रहा है। साथ ही मेडिकल शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में भी लगातार नए प्रयोग और उन्नति की जा रही है।
 
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वाइस एडमिरल आरती सरीन - फोटो : पीटीआई
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सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं (एएफएमएस) अब पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में ड्रोन से दवाइयां, खून की थैलियां और अन्य जरूरी मेडिकल सामग्री पहुंचाने पर मंथन कर रहा है। इस संबंध में शनिवार को एएफएमएस महानिदेशक, सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने जानकारी दी। वह पुणे स्थित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी) में पांच मेडिकल कैडेटों के कमीशनिंग समारोह के अवसर पर बोल रही थीं। इस मौके पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए वाणिज्य एक्सिओम-4 मिशन का हिस्सा रहे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर भी बात की। 

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वाइस एडमिरल सरीन ने बताया कि एएफएमएस अब टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पॉइंट-ऑफ-केयर उपकरणों और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बना रहा है। उन्होंने कहा, 'हम खून की थैलियों, दवाओं और अन्य चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं। वास्तव में, हम एक ऐसे दिन की आशा कर रहे हैं, जब चिकित्सा निकाली भी ड्रोन का उपयोग करके की जा सकेगी।'

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पायलट परियोजना पर किया जा रहा विचार

उन्होंने आगे कहा कि इस तकनीक पर वर्तमान में दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में एक पायलट परियोजना के लिए विचार किया जा रहा है, जहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'ऐसी तकनीक पहले से ही गैर-सैन्य एजेंसियों द्वारा उपयोग की जा रही है।' वहीं, एएफएमसी कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल पंकज राव ने कहा कि रोकथाम से लेकर उपचार तक, चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति को अपनाया जा रहा है।

एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत की जिम्मेदारी एएफएमएस पर
आईएसएस के लिए भेजे गए एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का जिक्र करते हए वाइस एडमिरल सरीन ने बताया कि इस मिशन में शामिल सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत की जिम्मेदारी एएफएमएस पर है। उन्होंने कहा, 'विमानन चिकित्सा संस्थान अमेरिका में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहा है और चालक दल के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए ह्यूस्टन, टेक्सास में एक ग्रुप कैप्टन तैनात किया गया है।'
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पांच मेडिकल कैडेटों में से एक भारतीय वायुसेना और चार को सेना में शामिल किया गया
बाद में, AFMC ने एक विज्ञप्ति में बताया कि कमीशन प्राप्त पांच मेडिकल कैडेटों में से एक को भारतीय वायुसेना और चार को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि AFMC राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है। इसके कारण यह कॉलेज एक बेहतरीन मेडिकल शिक्षा केंद्र बन गया है। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि AFMC की जीनोम अनुक्रमण प्रयोगशाला बहुत आधुनिक है और इसमें नेक्स्ट-जेनरेशन तकनीकें हैं। इस प्रयोगशाला की मदद से आनुवंशिक बीमारियों, कैंसर, ट्रांसप्लांट चिकित्सा और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों की पहचान और इलाज के लिए रिसर्च की जा रही है।

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