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एक्सक्लूसिव: अफगानिस्तान में फिर लौटा बर्बरता का दौर, अमर उजाला से अफगानी नागरिक बोले - सरकार फंसे लोगों को बाहर निकालें

Fri, 20 Aug 2021 02:44 PM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता आते ही बर्बरता का दौर शुरू हो गया है। तालिबान लड़ाके एक के बाद एक हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तालिबान के क्रूरता से लोग डरे और सहमे हुए हैं। तालिबान लड़ाके महिलाओं और लड़कियों को भी निशाना बना रहे हैं। बिना बुर्का पहने लड़कियों को बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दी है। अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए भारत में रह रहे अफगानी लोगों ने सरकार से वहां से लोगों को निकालने का आग्रह किया है। 
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अफगानिस्तानी नागरिकों से अमर उजाला की बात - फोटो : self
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विस्तार
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अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान भले ही दावा कर रहा है कि वह क्रूरता नहीं दिखाएगा, लेकिन उसकी हकीकत धीरे-धीरे सामने आ रही है।  वहां की कुछ तस्वीरें तो यहीं बयां कर रही हैं, जिनमें दिख रहा है कि अफगानिस्तान छोड़ने वाले लोगों पर तालिबान के दहशतगर्द कैसे कोड़े बरसा रहे हैं और रास्ते में उनकी तलाशी ले रहे हैं। यहां तक तालिबान लड़ाके अफगानिस्तान में घर-घर जाकर अमेरिकी सैनिकों की मदद करने वालों को भी खोज रहे हैं और सामने नहीं आने पर हत्या तक की धमकी भी दे रहे हैं । अफगानिस्तान पर तालिबानी हुकूमत के बाद लोग डरे और सहमे हुए हैं। खासकर वहां रह रहे भारतीय भी खौफजदा हैं। तालिबान ने भारत के साथ कारोबार पर भी रोक लगा दी है। इससे हालात बेहद तनावपूर्ण है। भारत सरकार अफगानिस्तान में रह रहे भारतीय को लेकर चिंतित है। सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदायों से संपर्क में है।

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दिल्ली में रह रहे लोगों ने सरकार से मांगी मदद

वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में रह रहे अफगानिस्तानी नागरिक भी वहां की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और सरकार से वहां रह रहे लोगों को बचाने की अपील कर रहे हैं। अमर उजाला वेबसाइट ने दिल्ली में रह रहे कुछ अफगानिस्ती लोगों से जब इस बारे में जानने की कोशिश की तो लोगों ने तालिबान की क्रूरता और दमनकारी नीति पर खुलकर अपनी बातें रखीं। दिल्ली में फरहाद नाम के एक युवक ने कहा कि तालिबान की क्रूरता पूरी दुनिया जानती है, जिस तरीके से अफगानिस्तान से लोकतंत्र खत्म हुआ है उससे यह साफ है कि तालिबान फिर से वहां पर आतंकवाद को बढ़ावा देगा।

 

तालिबान से लोगों में खौफ का माहौल

वहीं, दो साल से दिल्ली में रह एक अफगानी युवक ने कहा कि तालिबान की दमनकारी नीति से दुनिया भलीभांती परिचित है। आप देखिए कि पिछले तीन दिनों के अंदर ही वहां पर महिलाओं और लड़कियों के साथ कैसा सलूक किया जा रहा है। उनकी आजादी छीनी जा रही है। पत्रकारों को घर बैठने की हिदायत दी गई है। सड़कों पर आम लोगों को पीटा जा रहा है। वहां की महिलाएं, लड़कियां सब घर के अंदर बंद हैं, उन्हें पता है कि अगर बाहर निकलेंगे तो तालिबान छोड़ेगा नहीं। लोगों में खौफ का माहौल बना हुआ है। 

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तालिबान के जुल्म और सितम से लोग भयभीत

अफगानी युवक नजीम ने बताया कि जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया है, तब से दुखी हूं। मेरा पूरा परिवार अफगानिस्तान में रह रहा है। मेरे माता-पिता सरकारी कर्मचारी हैं, तालिबान के कब्जे के बाद से वहां पर सबकुछ बंद है। तालिबान के जुल्म और सितम से लोग डरे और सहमे हुए हैं। मैं रोज अपने परिवार से फोन पर बात कर रहे हैं। सभी लोग वहां से निकलना चाह रहे हैं। सरकार से अपील है कि जल्द से जल्द वहां से लोगों को बुलाने की प्रक्रिया शुरू करें। 

मिरदाउस ने बताया कि 15 अगस्त को ताबिलान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया तो जहन में दो दशक पहले वाला खौफनाक मंजर याद आ गया, क्योंकि तालिबान को अमन और चैन पसंद नहीं है। तालिबान लड़ाके फिर से वहां पर अत्याचार करने लगे हैं, लोगों को कोड़े मार रहे हैं। महिलाओं और लड़कियों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। तालिबान अभी से बंदूक की नोंक पर सत्ता चलाने को तैयार है। हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वहां फंसे लोगों को बाहर निकाला जाए नहीं तो वहां के लोगों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। 
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