क्या निकल सकता है रास्ता
अधिकारी के अनुसार, इन छात्रों की वीजा अवधि भी समाप्त हो गई है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध कर दिया गया है, लेकिन असली समस्या इन्हें यहां आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की है। इन छात्रों को यहां अस्थाई तौर पर कोई रोजगार भी नहीं मिल रहा है जिससे उनकी समस्या बढ़ गई है। विषम स्थिति में फंसे अफगानी छात्र संस्था के दूसरे कोर्स में प्रवेश लेकर यहां रहने और स्कॉलरशिप जारी ऱखने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
800 छात्र भारत आने के लिए कर रहे फोन
एक तरफ भारत में पढ़ने वाले अफगानिस्तान के छात्र अपने घर वापस नहीं जाना चाहते, तो दूसरी तरफ अफगानिस्तान के लगभग 800 छात्र भारत के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई के लिए आवेदन कर चुके हैं और उनका आवेदन स्वीकार भी किया जा चुका है। लेकिन अफगानिस्तान से वायु सेवाएं बंद होने के कारण वे भारत नहीं आ पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये छात्र अपने शिक्षण संस्थाओं से यह अनुरोध कर रहे हैं कि वे अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से बात कर उनके भारत आने की विशेष व्यवस्था करने का अनुरोध करें ताकि वे सुरक्षित भारत पहुंच सकें।