भारत ने अफगानिस्तान को 125 करोड़ रुपये के 50,000 टन गुणवत्ता वाले गेहूं की आपूर्ति करने वादा किया है, जिसे पाकिस्तान के जमीनी रास्ते से पहुंचाया जाएगा।
अफगानिस्तान ने मानवीय सहायता के तहत संकटग्रस्त देश को आपूर्ति किए गए भारतीय गेहूं की गुणवत्ता की प्रशंसा की है। इसका जिक्र करते हुए भारत ने शनिवार को कहा कि उसने पहले ही पाकिस्तान सीमा के माध्यम से 4,000 टन अनाज भेज दिया है और 2,000 टन शिपमेंट का तीसरा बैच 8 मार्च के लिए निर्धारित है। भारत की यह टिप्पणी अफगानिस्तान में तालिबान अधिकारियों द्वारा पाकिस्तान पर देश को नहीं खाने लायक गेहूं दान करने का आरोप लगाने वाली मीडिया रिपोर्टों के बीच आई है।
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125 करोड़ रुपये का 50 हजार टन गेहूं भेजने का वादा
भारत ने अफगानिस्तान को 125 करोड़ रुपये के 50,000 टन गुणवत्ता वाले गेहूं की आपूर्ति करने वादा किया है, जिसे पाकिस्तान के जमीनी रास्ते से पहुंचाया जाएगा। अफगानिस्तान के लोगों को आपूर्ति के लिए अनाज संयुक्त राष्ट्र एजेंसी वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को दिया जाएगा। खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, सबसे ऊपर मानवता। हमारे मेहनती किसानों के लिए धन्यवाद, भारत मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान में लोगों को अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की आपूर्ति करने में सक्षम है। भारत अपने दोस्तों के साथ अच्छा व्यवहार करना जानता है।
मानवीय सहायता पर अधिक विस्तार से बताते हुए खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, अफगानिस्तान की ओर से हमें जो प्रतिक्रिया मिली, वह बहुत ही महत्वपूर्ण समय में सहायता की गुणवत्ता और प्रकृति दोनों की सराहना के संदर्भ में बहुत मायने रखती है। यह कहते हुए कि अफगानिस्तान ने भारत से मिली सहायता को बहुत अच्छा बताया है, सचिव ने कहा कि गेहूं का पहला बैच 22 फरवरी को भेजा गया था और मार्च के अंत तक लगभग 10,000 टन गेहूं वितरित किया जाएगा। बाकी 40,000 टन की डिलीवरी 2,000 के बैच में की जाएगी।