उन्होंने कहा कि हमने सभी भारतीय छात्रों को यूक्रेन में सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। सभी छात्र किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अनावश्यक जोखिम ना उठाएं। विदेश मंत्रालय और हमारे दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में हैं।
यूक्रेन में रूस के हमले के बाद हालात दिन-पर-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि हम यूक्रेन के सूमी में भारतीय छात्रों को लेकर बहुत चिंतित हैं। हमारे छात्रों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाने के लिए तत्काल युद्धविराम के लिए कई चैनलों के माध्यम से रूस और यूक्रेन की सरकारों पर जोरदार दबाव डाला जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि हमने सभी भारतीय छात्रों को यूक्रेन में सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए कहा है। सभी छात्र किसी सुरक्षित जगह पर रहें और अनावश्यक जोखिम ना उठाएं। विदेश मंत्रालय और हमारे दूतावास छात्रों से लगातार संपर्क में हैं।
उन्होंने बताया कि पिसोचिन से हम अगले कुछ घंटों में सभी को बाहर निकालने में सफल हो जाएंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि ऐसा होगा। खारकीव में अब कोई नहीं बचा है। लगभग सभी भारतीय इस शहर से निकाले जा चुके हैं, जो एक अच्छी खबर है। मुख्य ध्यान अब सुमी पर है, चुनौती जारी है। हिंसा और परिवहन की कमी से हमारी चुनौती बढ़ रही है। सबसे अच्छा विकल्प युद्धविराम होगा।
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उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में 15 फ्लाइट भारत पहुंचीं हैं जिनमें लगभग 2900 भारतीयों को निकाला गया है। ऑपरेशन गंगा के तहत 63 उड़ानें अब तक लगभग 13,300 भारतीयों को लेकर भारत पहुंचीं हैं। अगले 24 घंटों में 13 और फ्लाइट शेड्यूल हैं। अब हम देखेंगे कि अब भी कितने और भारतीय यूक्रेन में हैं। दूतावास उन लोगों से संपर्क करेगा, जिनके वहां होने की संभावना है, परन्तु अभी तक उन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।