सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे के कथित एनकाउंटर की जांच के लिए गठित आयोग को जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। आयोग दो महीने की समयसीमा पूरी होने के बावजूद रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सका है। याचिकाकर्ता और वकील विशाल तिवारी ने आवेदन में कहा है कि आयोग दो महीने में रिपोर्ट दाखिल करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने में नाकाम रहा है।
आवेदन में आयोग को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग
दरअसल, 22 जुलाई को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के गठन, इसके बनाने की तारीख से दो महीने के अंदर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। तिवारी ने कहा, उन्हें एनकाउंटर में याचिका पर सुनवाई के लिए आयोग में आवेदन करने की मंजूरी भी मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि आयोग लखनऊ में बैठेगा और उसके आदेश के एक हफ्ते के अंदर काम शुरू करेगा।
तिवारी ने कहा, आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन नहीं किया और दो महीने बाद भी रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सका। आयोग ने उनके आवेदन पर सुनवाई तक नहीं की। विकास दुबे कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस पर हुए हमले का मुख्य आरोपी था। इस हमले में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। मध्य प्रदेश के उज्जैन से लाते वक्त वह 10 जुलाई को फरार होने की कोशिश करते समय कथित एनकाउंटर में मारा गया था।