लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा) डीएस हुड्डा, जिन्होंने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जीकल स्ट्राइक का नेतृत्व किया था और वे अब कांग्रेस पार्टी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं, का कहना है कि पाकिस्तान से निपटना सिर्फ सेना के सहारे संभव नहीं है। इसके लिए भारत को राजनीतिक इच्छाशक्ति और कूटनीति के रास्ते पर भी काम करना होगा।
महज एक सर्जिकल स्ट्राइक से कुछ नहीं होगा। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कड़ा रुख अपनाया है, उसे लंबे समय तक जारी रखना होगा। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने जो कार्रवाई की है, वह एक मजबूती भरा फैसला था। सेना के साथ-साथ कूटनीति का इस्तेमाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एयर मार्शल पीके रॉय (सेवानिवृत) का कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ अब लगातार सख्ती बरतनी होगी। सेना और कूटनीति, दोनों मोर्चों पर सरकार को आगे बढ़ना होगा।