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रिपोर्ट: 2014 के बाद आठ साल में सबसे ज्यादा दल-बदलू सांसद-विधायक किस पार्टी से, इन्हें लेने वालों में कौन आगे?

Thu, 24 Sep 2026 08:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

2014-21 के बीच 177 सांसदों-विधायकों ने छोड़ी कांग्रेस, 173 BJP में हुए शामिल। ADR रिपोर्ट में खुलासा- दल बदलने वाले 84% जनप्रतिनिधि थे करोड़पति। पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।
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एडीआर रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत में 2014 के बाद से राजनीतिक परिदृश्य में कई बड़े बदलाव आए हैं। फिर चाहे सियासी दलों में नए नेताओं के उभार की बात हो या कुछ नामों के खो जाने की। अब भारत के चुनाव से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने वाली संस्था- एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 2014 के बाद से अगले सात साल यानी 2021 तक अलग-अलग राजनीतिक दलों से इधर-उधर होने वाले नेताओं के आंकड़ों की एक समग्र रिपोर्ट जारी की है। इसमें भाजपा, कांग्रेस और अन्य सियासी पार्टियों से निकलने और दूसरे दलों से चुनाव लड़ने वाले नेताओं का डेटा सामने रखा गया है। 
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आइये जानते हैं इस रिपोर्ट की बड़ी बातें...
 

1. 2014-21 के बीच किन राजनीतिक दलों से सबसे ज्यादा निकले सांसद-विधायक?

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2014 से 2021 के बीच हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में दो राष्ट्रीय दलों से सबसे ज्यादा सांसद-विधायक दूसरे दलों में चुनाव लड़ने गए। हालांकि, इसमें भी कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा। पार्टी से सबसे ज्यादा 177 सांसदों और विधायकों ने दल-बदल किया। यानी सियासी दल छोड़ कर दूसरे दलों से चुनाव लड़ने के लिए जाने वाले सांसद-विधायकों में सबसे ज्यादा कांग्रेस (35.40 फीसदी) के रहे। इस लिस्ट में अगला नंबर भाजपा का है जिसके 33 सांसद-विधायक (करीब 7 फीसदी) पार्टी छोड़ कर दूसरे दलों से चुनाव लड़े। 

एडीआर रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
मजेदार बात यह है कि दल-बदल करने वाले 500 सांसदों/विधायकों में से सबसे ज्यादा 173 (34.60%) सांसद/विधायक भाजपा में शामिल हुए, जिसके बाद 61 (12.20%) कांग्रेस और 31 (6.20%) तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए।


2. किन सियासी दलों से सबसे ज्यादा निकले चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार

इस बीच अगर चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों की बात करें, तो भी सबसे ज्यादा 222 उम्मीदवारों (19.59%) ने कांग्रेस और 153 उम्मीदवारों (13.50%) ने बसपा छोड़कर दूसरे दल जॉइन किए और वहां से चुनाव लड़े।

एडीआर रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
इसमें भी एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि चुनाव के बीच कुल 1133 उम्मीदवारों ने पार्टी छोड़ी। इनमें सबसे ज्यादा 253 भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़े। यानी कुल संख्या का 22 फीसदी। वहीं, अलग-अलग पार्टी छोड़ने वाले 115 प्रत्याशी (6 फीसदी) कांग्रेस में शामिल हुए। दूसरे दलों के 65 उम्मीदवार (6 फीसदी) चुनाव लड़ने के लिए बसपा में भी आए।


3. दल-बदलकर दोबारा चुनाव लड़ने वाले कितने करोड़पति?

सांसद/विधायक: दल बदलकर दोबारा चुनाव लड़ने वाले कुल 500 सांसदों और विधायकों में से 419 यानी करीब 84 फीसदी करोड़पति थे।
 

एडीआर रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
कुल उम्मीदवार: उधर दल बदलकर चुनाव लड़ने वाले कुल 1,133 उम्मीदवारों में से 706 करोड़पति यानी 62% प्रत्याशी करोड़पति थे।
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एडीआर रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

4. सबसे कम संपत्ति वाले दल-बदलू उम्मीदवार

सांसद/विधायक वर्ग में: पश्चिम बंगाल (2016) में कांग्रेस से तृणमूल कांग्रेस में गए असित कुमार माल की घोषित संपत्ति सबसे कम 2.41 लाख रुपये के करीब थी।
उम्मीदवार वर्ग में: तमिलनाडु (2021) में एमडीएमके से माई इंडिया पार्टी में आईं वीरालक्ष्मी की संपत्ति सबसे कम केवल 7,500 रुपये दर्ज की गई थी।
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