चुनाव आयोग के क्रियाकलापों में पारदर्शिता लाने के लिए इसके सदस्यों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र चयन आयोग की मांग उठने लगी है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के लिए ऐसी ही मांग की है।
वकील प्रशांत भूषण के जरिये दायर इस याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति की वर्तमान प्रक्रिया पूरी तरह से कार्यकारी है। इसमें कोई भी संदेह नहीं है कि चुनाव प्रक्रिया में शुद्धता लाने के लिए हमारे संविधान निर्माताओं का मकसद था कि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होना चाहिए और एक स्वतंत्र निकाय द्वारा चुनाव प्रक्रिया को अंजाम दिया जाना चाहिए। उसमें राजनीतिक और कार्यपालिका का दखल न हो।
याचिका में कहा गया है कार्यपालिका द्वारा चुनाव आयोग के सदस्यों की नियुक्ति पीक एंड चूज पर आधारित है, जो संविधान की अवधारणा के खिलाफ है। याचिका में कहा गया है लोकतंत्र, संविधान के मूलभूत ढांचे का अहम हिस्सा है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराना आयोग की जिम्मेदारी है। ऐसे में चुनाव आयोग पर राजनीति या कार्यपालिका के की दखल नहीं होनी चाहिए।