अरसे से बेहाल मोक्षदायिनी
गंगा की सेवा कर उद्योगपति पुण्य कमाएंगे। देश के शीर्ष 5 उद्योगपतियों ने देश भर में अलग-अलग घाटों के सौंदर्यीकरण, रखरखाव और इन्हें अध्यात्मिक-दार्शनिक स्वरूप देने की जिम्मेदारी लेने पर हामी भरी है। इनमें हिंदुआ बंधु, एचसीएल ग्रुप के मुखिया शिव नाडर, वेदांता के अनिल अग्रवाल, जहाज कारोबारी रवि मल्होत्रा और इंडोरोमा ग्रुप शामिल हैं। गंगा पुनरुद्घार मंत्री नितिन गडकरी से कई स्तर पर बातचीत कर घाटों की दशा सुधारने का खाका भी तैयार कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक इन उद्योगपतियों ने जिन इलाकों केगंगा घाटों को गोद ले कर स्थिति में बदलाव लाने पर हामी भरी है उन इलाकों से उनका खास लगाव रहा है। मसलन मूलत: कानपुर के रहने वाले मल्होत्रा ने कानपुर के गंगा घाटों को गोद लेने में सहमति दी है तो बिहार के रहने वाले अनिल अग्रवाल ने पटना को चुना है। इसी प्रकार काशी से खास लगाव रखने वाले नाडर ने वाणसी के सभी घाटों को गोद लेने पर हामी भरी है। उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के प्रति आस्था रखने के लिए जाने जाने वाले हिंदुआ बंधु ने हरिद्वार और ऋषिकेश की जिम्मेदारी ली है।
बुजुर्गोँ और दिव्यांगों के लिए गंगा दर्शन हुआ आसान, काशी के घाट पर लगाई गई चेयरलिफ्ट