आवेदनकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने बुधवार को चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष आवेदन का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इस पर विचार करेंगे।
एक्टिविस्ट हर्ष मंदर, अंजलि भारद्वाज और जगदीप छोकर ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दाखिल कर प्रवासी श्रमिकों के मामले में 29 जून, 2021 के फैसले में दिए गए निर्देशों का केंद्र और कुछ राज्यों द्वारा अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया है। कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दर्ज स्वतऱ् संज्ञान मामले में ये आवेदक हस्तक्षेपकर्ता थे।
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आवेदनकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने बुधवार को चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष आवेदन का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह इस पर विचार करेंगे।
आवेदन में केंद्र सरकार को 29 जून 2021 के निर्णय में निहित निर्देशों के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। आवेदन में सभी प्रतिवादी राज्य सरकारों को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वे पहचान प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर दिए बिना प्रवासी श्रमिकों को सूखे राशन के वितरण के लिए एक उपयुक्त योजना बनाने के लिए जून 2021 के निर्णय में निहित निर्देश को तुरंत लागू करें।