फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

BSF: भारतीय विद्रोही समूहों पर कार्रवाई, एकल पंक्ति बाड़ का निर्माण; बीएसएफ-BGB डीजी की बैठक में उठेंगे मुद्दे

Fri, 22 Aug 2025 12:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महानिदेशक स्तरीय बीएसएफ-बीजीबी सीमा समन्वय सम्मेलन की शुरुआत 1975 में इस परिकल्पना के साथ प्रारंभ की गई थी कि तत्काल प्रशासनिक चिंता के मामलों पर चर्चा करने के लिए दोनों संबंधित देशों के सीमा प्राधिकारियों के बीच लगातार संपर्क होना चाहिए।
विज्ञापन
BSF - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीएसएफ (भारत) और बीजीबी (बांग्लादेश) के बीच 56वां महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन, बीजीबी द्वारा ढाका, बांग्लादेश में 25 से 28 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन के दौरान, बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी के नेतृत्व में भारत का बीएसएफ प्रतिनिधिमंडल, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी के नेतृत्व वाले बीजीबी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेगा। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होगी। खासतौर पर, बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों के खिलाफ कार्रवाई और एकल पंक्ति बाड़ का निर्माण, बीएसएफ-बीजीबी के महानिदेशकों की बैठक में ऐसे कई मुद्दों पर बातचीत होगी। 

विज्ञापन


बीएसएफ के मुताबिक, यह सम्मेलन सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान, बांग्लादेश स्थित बदमाशों/नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमले/हमले की रोकथाम, सीमा पार अपराधों को रोकने के तरीके, एकल पंक्ति बाड़ का निर्माण, बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई, सीमा बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे, समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त प्रयास, विश्वास निर्माण उपाय (सीबीएम) और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पिछला बीएसएफ-बीजीबी सीमा समन्वय सम्मेलन 17 से 20 फरवरी 2025 तक नई दिल्ली (भारत) में आयोजित किया गया था।

महानिदेशक स्तरीय बीएसएफ-बीजीबी सीमा समन्वय सम्मेलन की शुरुआत 1975 में इस परिकल्पना के साथ प्रारंभ की गई थी कि तत्काल प्रशासनिक चिंता के मामलों पर चर्चा करने के लिए दोनों संबंधित देशों के सीमा प्राधिकारियों के बीच लगातार संपर्क होना चाहिए। सीमा सुरक्षा बल के पूर्व महानिदेशक अश्विनी कुमार के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल और बीडीआर (अब बीजीबी) के पूर्व महानिदेशक मेजर जनरल काजी गुलाम दस्तगीर के नेतृत्व में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल ने आपसी सीमा समस्याओं पर चर्चा करने के लिए पहली बार 2 दिसंबर 1975 को कोलकाता में मुलाकात की थी। 
विज्ञापन


तब से, महानिदेशक बीएसएफ और महानिदेशक बीजीबी के बीच बैठकें 1993 तक भारत और बांग्लादेश में बारी-बारी से प्रतिवर्ष आयोजित की जाती रहीं। 7 से 9 अक्तूबर, 1993 तक ढाका (बांग्लादेश) में भारत और बांग्लादेश के गृह सचिवों के बीच हुई चर्चाओं के दौरान, इस बात पर सहमति हुई कि बीएसएफ और बीजीबी के बीच महानिदेशक स्तर की बैठकें द्विवार्षिक होंगी। 

उक्त बैठक के दौरान हुई चर्चाओं के सारांश में, इस बात पर ज़ोर दिया गया कि पारस्परिक हितों और चिंताओं के क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान विभिन्न स्तरों पर घनिष्ठ संपर्क और निरंतर सार्थक संवाद के माध्यम से उत्तरोत्तर किया जा सकता है। तदनुसार, महानिदेशक बीएसएफ और महानिदेशक बीजीबी वर्ष में दो बार बारी-बारी से दिल्ली और ढाका में सीमा समन्वय बैठकें आयोजित करते रहे हैं। इन बैठकों की चर्चाओं का संयुक्त रिकार्ड प्रत्येक बैठक के बाद गृह मंत्रालय को भेजा जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें