अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) एक अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य सात बड़ी बिल्लियों, जिनमें बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा का संरक्षण करना है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि सरकार ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, इसके प्रतिनिधियों और अधिकारियों को विशेषाधिकार देने का फैसला किया है। इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
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केंद्रीय मंत्री बोले- बिग कैट के संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया, 'यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र (विशेषाधिकार और प्रतिरक्षा) अधिनियम, 1947 के तहत अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस, इसके प्रतिनिधियों और अधिकारियों को विशेषाधिकार और प्रतिरक्षा प्रदान करने वाली राजपत्र अधिसूचना जारी किया है। यह महत्वपूर्ण कदम बिग कैट संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को साबित करता है। बिग कैट और उनके पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण है और इसमें हमारे ग्रह की भलाई है। इन विशेषाधिकारों और प्रतिरक्षाओं के साथ, आईबीसीए को दुनिया भर में बिग कैट के संरक्षण के लिए सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक सशक्तिकरण प्राप्त होता है।'
क्या है आईबीसीए
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट अलायंस (आईबीसीए) एक अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य सात बड़ी बिल्लियों, जिनमें बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा का संरक्षण करना है। भारत में ही आईबीसीए (IBCA) का मुख्यालय है। आईबीसीए को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अप्रैल 2023 को 'प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य कार्यक्रम' के दौरान शुरू किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 फरवरी 2024 को भारत में मुख्यालय के साथ आईबीसीए की स्थापना को मंजूरी दी थी।