एसिड हमले के पीड़ित और मानसिक बीमारी, बौद्धिक अक्षमता, ऑटिज्म के शिकार लोग आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की नौकरियों और पदोन्नति में आरक्षण का लाभ पा सकते हैं। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने संबंधित नीति के मसौदे में ऐसे लोगों के लिए रिक्तियों व पदोन्नति में आरक्षण के साथ ही उम्र सीमा में छूट देने के लिए प्रस्ताव किया है।
विभाग के इस कदम से दिव्यांगों के लिए पदोन्नति में आरक्षण के मामले में विवाद पैदा हो सकता है, जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है। ये रिक्तियां भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यालय सहायकों की होंगी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने कहा है कि सीधी भर्तियों के मामले में कुल रिक्तियों का चार फीसदी एसिड हमले के पीड़ितों और मानसिक बीमारी, बौद्धिक अक्षमता, ऑटिज्म के शिकार लोगों के लिए आरक्षित होगा। सभी ए, बी, सी, और डी वर्ग समूहों के पदों के लिए यह प्रावधान होगा।
विकलांगता के मानदंड में अंधापन, कम दृष्टि, बहरापन, सुनने में परेशानी, मस्तिष्क पक्षाघात सहित बौनापन, मांसपेशियों की विकृति और ठीक हो चुका कुष्ठ रोग भी परिभाषित किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक तेजाब हमले के पीड़ितों के अतिरिक्त जो लोग ऑटिज्म, बौद्धिक विकलांगता, सीखने की विशिष्ट विकलांगता, मानसिक बीमारियों और दृष्टि-श्रवण हानि दोनों से पीड़ित हैं, वे भी एक फीसदी आरक्षण के हकदार होंगे।