देश में करोड़ों लोग नोटबंदी की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं सरकार दावा कर रही है कि बैंकों में पर्याप्त पैसा है, लेकिन इस वक्त एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जो किसी को भी हैरान कर सकती है।
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक क्रेडिट सुइस रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अब तक महज 1.5 लाख करोड़ रुपये के नोट छापे हैं। वहीं देश में 14.5 लाख करोड़ रुपये की करेंसी रद्दी हो चुकी है।
25 नवंबर को आई इस रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई ने जो नई करेंसी छापी है उसमें ज्यादातर नोट 2000 के हैं। वहीं 1.5 लाख करोड़ रूपये की करेंसी के साथ 2.2 लाख करोड़ रुपये की करेंसी भी चलन में है। रिपोर्ट में ये बताया गया है कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद 2,203 करोड़ नोट कागज के टुकड़े हो गए। रिपोर्ट साफ तौर पर कहती है कि ट्रांजेक्शन फ्लो को सही करने के लिए आरबीआई को अभी जल्दी ही 1,000 से 2,000 करोड़ नोट छापने की और जरूरत है।