लाखों रुपये खर्च करने के बाद करोड़ों के पैकेज की चाहत के बीच नौकरी के लाले पड़ने से मायूस छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, इंजीनियरिंग के छात्र नहीं मिलने से दर्जनों कॉलेजों पर ताले लग गए हैं। और तो और प्रीमियम संस्थान आईआईटी के प्लेसमेंट में भी पांच फीसदी की गिरावट आई है। छात्रों की पहली पसंद रही इंजीनियरिंग की डिग्री से उनका मोहभंग होता जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा में लगातार गिरावट और
नौकरी की मांग में कमी के चलते इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले साल 22 हजार से अधिक छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी। छात्र न मिलने के कारण 62 कॉलेजों में ताला लग गया था। देशभर में सबसे अधिक हरियाणा के 11 कॉलेज बंद हुए वहीं यूपी चौथे नंबर पर था।
यह भी पढ़ें- इंजीनियरिंग छात्रों को नहीं मिल रही नौकरी हजारों ने छोड़ी पढ़ाई, कॉलेजों में लगे ताले
वर्ष 2014-15 में 12,553 छात्रों ने प्लेसमेंट में भाग लिया, जिनमें महज 9,141 छात्र ही चुने गए। यानी प्लेसमेंट प्रतिशत 72.82 फीसदी रहा। वहीं, वर्ष 2015-16 में 75.79 फीसदी छात्र चुने गए। जबकि 2016-17 में 12,525 छात्रों में से 8,874 छात्रों को ही नौकरी मिली।
इंजीनियरिंग में बढ़ती बेरोजगारी के चलते अब छात्र साइंस में ग्रेजुएशन कर स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। लेकिन साइंस कोर्स देश में दूसरे सबसे पॉपुलर अंडर ग्रेजुएट कोर्स के रूप में फिर से उभरा है। जबकि आर्टस पहले की तरह ही पीछे है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2016-17 में 97.3 लाख छात्रों ने बीए में दाखिला लिया, जबकि बीएससी में दाखिला लेने वालों की संख्या 47.3 लाख और इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वालों की संख्या 41.6 लाख थी।
थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी के डॉयरेक्टर प्रकाश गोपालन का कहना है कि बीएससी कोर्स के साथ ही कंप्यूटर, फार्मा और इलैक्ट्रोनिक्स जैसी शाखाओं में बढ़ती विविधता से अब साइंस ही एक अकेला विकल्प नहीं रह गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के 2013 के आंकड़ों के अनुसार बीए कोर्स में 75.1 लाख छात्र, कॉमर्स में 28.9 लाख छात्र, बीटेक में 17.9 लाख, बीई में 16.4 लाख और बीएससी में 25.4 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था।
यह भी पढ़ें- इंजीनियरिंग में बढ़ रही बेरोजगारी, अब छात्र साइंस में ग्रेजुएशन कर पढ़ा रहे स्कूलों में
दाखिले के लिए मिल रहा मुफ्त लैपटॉप और बाइक
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के कड़े मानदंडों के चलते प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज अब छात्रों को एडमिशन लेने के लिए कई तरह के लुभावने ऑफर दे रहे हैं। कुछ कॉलेज तो छात्रों से महज 2,500 रुपये सालाना फीस लेकर दाखिला दे रहे हैं। वहीं कुछ प्राइवेट कॉलेज मुफ्त लैपटॉप और दोपहिया वाहनों की भी पेशकश कर रहे हैं।