विश्लेषण में यह फैक्ट्स भी आए सामने
शहरों में ज्यादार शहरों में हर 1 लाख नागरिकों में 13.9 लोग खुदकुशी कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत 10.4 से कहीं ज्यादा है। दक्षिण भारत में सर्वाधिक आत्महत्याओं की दर दक्षिण भारत में सर्वाधिक रही। तमिलनाडु में यह 16, आंध्र प्रदेश में 14 और केरल में 11 दर्ज की गई।
पारिवारिक वजहों से 32.4 प्रतिशत मामलों में आत्महत्या की वजह पारिवारिक वजहों को बताया गया। इसके बाद 17.1 प्रतिशत में रोग और 5.5 प्रतिशत में वैवाहिक समस्याएं वजह बने।
पुरुष ज्यादा कर रहे आत्महत्या करने वालों में पुरुष 70.2 प्रतिशत और महिलाएं 29.8 प्रतिशत हैं, यह दर्शाता है कि पुरुषों में आत्महत्या की प्रवृत्ति कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है।
दो-तिहाई विवाहित करीब 68 प्रतिशत आत्महत्या करने वाले पुरुष विवाहित थे। आत्महत्या करने वाले 62.5 प्रतिशत महिलाएं भी विवाहित थीं।
उच्च शिक्षित कम आत्महत्या करने वालों में 3.7 प्रतिशत ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े लिखे थे, हालांकि इसकी वजह उनकी कम संख्या भी है। इसके अलावा 12.6 प्रतिशत अशिक्षित, 16.3 प्रतिशत प्राथमिक तक शिक्षित, 19.6 प्रतिशत मध्यामिक और 23.3 प्रतिशत मैट्रिक तक शिक्षित थे।
आधे से ज्यादा ने लगाई फांसी ऱ् आत्महत्या के लिए 53.6 प्रतिशत लोगों ने फांसी लगाने का दुखद रास्ता चुना। 25.8 प्रतिशत ने जहर खाया, 5.2 प्रतिशत डूबकर मरे तो वहीं 3.8 प्रतिशत ने खुद को आग लगाई।