सार
2023 में देश में सड़क हादसों की संख्या 4.2% बढ़कर 4.8 लाख हो गई, जिनमें 1.72 लाख लोगों की मौत हुई। हर घंटे औसतन 55 हादसे और 20 मौतें दर्ज हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा मौतें 18-45 उम्र वर्ग में हुईं। तेज रफ्तार, मानवीय गलती और वाहन खराबी हादसों के मुख्य कारण रहे।
देश में सड़क हादसों की संख्या 2023 में 4.2 प्रतिशत बढ़कर 4.8 लाख पहुंच गई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट रोड एक्सीडेंट्स इन इंडिया 2023 के अनुसार 2023 में देश में 4,80,583 सड़क हादसे हुए। इनमें 1,72,890 लोगों की मौत हो गई और 4,62,825 लोग घायल हुए। यानी हर घंटे औसतन 55 हादसे और 20 मौतें हुईं।
रिपोर्ट बताती है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें 18 से 45 वर्ष के लोगों की हुईं। यह कुल मृतकों का 66.4 प्रतिशत है। वहीं 18-60 वर्ष के कार्यशील आयु वर्ग में यह आंकड़ा 83.4% रहा। सड़क हादसों के मामले में राज्यों में तमिलनाडु ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वाधिक हादसे दर्ज किए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। रिपोर्ट के अनुसार, हादसों के मुख्य कारणों में मानवीय त्रुटि, सड़क की स्थिति और वाहन की खराबी शामिल हैं। यातायात नियम उल्लंघन में तेज रफ्तार सबसे बड़ा कारण रही, जिससे 68.1% मौतें हुईं। गलत दिशा में गाड़ी चलाने से 5.5% मौतें हुईं।
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सबसे ज्यादा हादसे?
- 1,50,177 (31.2%) हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों व एक्सप्रेसवे पर।
- 1,05,622 (22%) हादसे राज्य राजमार्गों पर।
- 2,24,744 (46.8%) हादसे अन्य सड़कों पर।
कहां कितनी मौतें?
- 63,112 (36.5%) राष्ट्रीय राजमार्ग
- 39,439 (22.8%) राज्य राजमार्ग
- 70,339 (40.7%) अन्य सड़कें
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उम्र के आधार पर मौतें?
- 18–45 वर्ष- 66.4%
- 18–60 वर्ष- 83.4%