सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने सोमवार को कहा कि 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 285 भवनों और केंद्र सरकार के 1,030 भवनों को दिव्यांगों के लिए बाधा मुक्त (बैरियर फ्री) बनाया गया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुगम्य भारत के लिए 24 जून को राज्यों के साथ बैठक की जाएगी और इसका आकलन किया जाएगा कि कितना काम हुआ है और भविष्य का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने पिछले आठ वर्षों में अपने मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों को सूचीबद्ध किया।
उन्होंने कहा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 585 भवनों और केंद्र सरकार के 1,030 भवनों को 'सुगम्य भारत अभियान' के तहत 553.59 करोड़ रुपये की राशि के साथ बाधा मुक्त बनाया गया है। यह अभियान दिसंबर, 2015 में सार्वजनिक भवनों, परिवहन और आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) पारिस्थितिकी तंत्र में बाधा मुक्त वातावरण के निर्माण के लिए शुरू किया गया था।
विकलांग व्यक्तियों का एक नेशनल डेटाबेस बनाने के लिए 2016-17 में शुरू की गई विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र परियोजना कुमार ने कहा कि 1 जून तक सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 716 जिलों में 73.89 लाख विशिष्ट विकलांगता आईडी कार्ड बनाए गए थे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने 22 नवंबर, 2018 को विकलांगता क्षेत्र में सहयोग के लिए ऑस्ट्रेलिया सरकार के साथ एक समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। मेलबर्न यूनिवर्सिटी के सहयोग से समुदाय आधारित समावेशी विकास (सीबीआईडी) परियोजना समझौता ज्ञापन में उल्लिखित सहयोग के क्षेत्र के साथ लागू की जा रही है, जो इसके अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि एडीआईपी योजना (विकलांग व्यक्तियों को सहयोग और उपकरणों की खरीद/फिटिंग योजना) के तहत अबतक 22.38 लाख दिव्यांगजनों को 1389.35 करोड़ रुपये की सहायता और सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।