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25 साल पूरे, फिर भी जेल से बाहर नहीं आएगा अबू सलेम: सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई रिहाई की मांग; क्या है मामला?

Thu, 10 Sep 2026 11:54 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

गैंगस्टर अबू सलेम ने भारत में 25 साल जेल पूरी होने का हवाला देकर तत्काल रिहाई की मांग की थी। उसने भारत-पुर्तगाल प्रत्यर्पण समझौते की उस शर्त का आधार लिया था, जिसके मुताबिक उसकी जेल की अवधि 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत फैसला अभी आना बाकी है।
 
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अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गैंगस्टर अबू सलेम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर भारत की जेल से रिहाई की मांग की थी। उसका कहना था कि वह भारत में 25 साल जेल में रह चुका है और पुर्तगाल से उसके प्रत्यर्पण के समय भारत ने जो शर्तें मानी थीं, उनके मुताबिक उसकी जेल की अवधि 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती। इसी आधार पर सलेम ने तत्काल रिहाई की मांग की थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम की याचिका क्यों खारिज की?
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने गुरुवार को सलेम की याचिका पर फैसला सुनाया। पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल में दिए आदेश को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने सलेम की तत्काल रिहाई की मांग को ‘समय से पहले’ और ‘गलत आधार पर’ दायर याचिका माना था। सुप्रीम कोर्ट ने इसी आदेश को चुनौती देने वाली सलेम की याचिका को खारिज कर दिया।

क्या प्रत्यर्पण के समय 25 साल की शर्त तय हुई थी?
भारत और पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण की शर्तों में अबू सलेम को लेकर दो अहम बातें थीं। पहली, उसे भारत में मौत की सजा नहीं दी जा सकती थी। दूसरी, उसकी जेल की अवधि 25 साल से ज्यादा नहीं हो सकती थी। सलेम ने अपनी रिहाई की मांग के लिए इन्हीं शर्तों को आधार बनाया था और दावा किया था कि 25 साल पूरे होने के बाद उसे जेल से बाहर कर दिया जाना चाहिए।
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यह भी पढ़ें: Abu Salem: 16 लाख जुर्माना नहीं भरने पर अबू सलेम को 18 साल और रहना होगा जेल में? अदालत से मांगा गया जवाब

अबू सलेम भारत कैसे आया?
अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी है। उसे पुर्तगाल से भारत लाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया चली थी। इसके बाद 11 नवंबर 2005 को उसका भारत प्रत्यर्पण किया गया। प्रत्यर्पण के दौरान भारत और पुर्तगाल के बीच जिन शर्तों पर सहमति बनी, बाद में सलेम ने उन्हीं का हवाला देते हुए अपनी रिहाई की मांग की।
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फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने अबू सलेम को तत्काल रिहाई देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने उसकी याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले का विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं किया है। विस्तृत फैसला आने के बाद यह साफ होगा कि पीठ ने सलेम की दलील को किस आधार पर खारिज किया है।
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