पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं। इसी बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभ्यास के दौरान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारी व्हाट्सएप के माध्यम से अपने अधीनस्थों को निर्देश जारी कर रहे हैं।
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माइक्रो ऑब्जर्वरों को भेजे गए निर्देशों पर भी सवाल उठाया
उन्होंने एक्स पर व्हाट्सएप ग्रुप चैट के कथित स्क्रीनशॉट साझा किया। इसके साथ ही बनर्जी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार पारदर्शिता, उचित प्रक्रिया और संचार के आधिकारिक चैनलों के पालन पर जोर दिया है। "फिर भी हम देख रहे हैं कि निर्देश औपचारिक, पता लगाने योग्य और जवाबदेह तंत्रों के बजाय व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे हैं।"उन्होंने स्पेशल रोल ऑब्जर्वर सी मुरुगन द्वारा सीधे माइक्रो ऑब्जर्वरों को भेजे गए निर्देशों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, "इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि विशेष रोल ऑब्जर्वर सी. मुरुगन द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में माइक्रो ऑब्जर्वरों को सीधे जन्म प्रमाण पत्रों की स्वीकार्यता के संबंध में निर्देश जारी करने की विश्वसनीय रिपोर्टें हैं, ताकि हटाए गए प्रमाण पत्रों की संख्या को बढ़ाया जा सके। क्या मुझे चुनाव आयोग को सर्वोच्च न्यायालय के उस स्पष्ट निर्देश की याद दिलाने की आवश्यकता है कि माइक्रो ऑब्जर्वरों की भूमिका केवल सहायक ही रहनी चाहिए?"
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पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने सवाल उठाया कि वैधानिक प्रक्रिया को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। यह किसके निर्देशों पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विशिष्ट जिलों से जुड़े रोल ऑब्जर्वर के लॉगिन क्रेडेंशियल कोलकाता से केंद्रीय रूप से प्राप्त किए जा रहे थे। उनका दुरुपयोग किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया, "लॉगिन डेटा का दुरुपयोग करके क्वेरी जेनरेट की जा रही हैं। दिल्ली में ईसीआई के राजनीतिक आकाओं के निर्देश पर एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। यदि इस मामले की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए, तो यह साबित हो जाएगा कि लॉगिन डिवाइस का टावर लोकेशन और आईपी एड्रेस संबंधित रोल ऑब्जर्वर के वास्तविक लोकेशन से भिन्न हैं।"
सुप्रीम कोर्ट मेंं उठाएगे इस मामले को- अभिषेक बनर्जी
टीएमसी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाएगी। कोर्ट एसआईआर अभ्यास के खिलाफ कई याचिकाओं की सुनवाई कर रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर एक याचिका भी शामिल है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को जनता के भरोसे से वैधता मिलती है। न कि राजनीतिक संरक्षण से। हम इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में ले जाएंगे। इसके अलावा, दिल्ली के जमींदारों के साथ गठबंधन करने वाले या उनके इशारे पर काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को सख्त और कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। तैयार रहें!”