पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लेकर रार मचा हुआ है। एक तरफ जहां एसआईआर के शुरुआती चरण में 32 लाख मतदाता अज्ञात पाए गए हैं, इसके बाद राज्य में कई जगहों पर एसआईआर शिविर लगाए गए हैं। वहीं टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला है। इसके साथ ही पार्टी ने तय किया है कि एसआईआर के मुद्दे पर उसका एक 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 31 दिसंबर को चुनाव आयोग से मिलेगा।
चुनाव आयोग अब व्हाट्सएप आयोग- अभिषेक बनर्जी
इधर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला करते हुए उसे 'व्हाट्सएप आयोग' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान राज्य को परेशान करने के लिए किया जा रहा है और चुनाव आयोग को इसके लिए बंगाल के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 45 लोगों की मौत हुई है, छह लोग अस्पताल में भर्ती हैं और 29 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने चुनाव आयोग से पांच बुनियादी सवाल पूछे थे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला। वहीं, आयोग मीडिया से कह रहा है कि जवाब दे दिए गए हैं।
'बंगाल में क्यों भेजे गए माइक्रो-ऑब्जर्वर?'
उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल में माइक्रो-ऑब्जर्वर क्यों भेजा गया, जबकि गुजरात जैसे राज्यों में ऐसा क्यों नहीं किया गया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर को चुनिंदा तरीके से केवल बंगाल में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब ड्राफ्ट लिस्ट में 80 फीसदी डेटा मैपिंग पूरी दिखाई जा रही है, तो पहले यह कैसे कहा गया कि 40-50 फीसदी मैपिंग का पता ही नहीं लगाया जा सकता। अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सही सूची छिपा रहा है और केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'आप भारत का चुनाव आयोग हैं, भाजपा का नहीं। अगर आपके पास बांग्लादेशियों की सूची है तो उसे सार्वजनिक करें, नहीं तो बंगाल के लोगों से माफी मांगें।'
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चुनाव आयोग का घेराव करेगी टीएमसी
उन्होंने ईसीआई के एप में खामियों का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि एक महिला, सीमा खन्ना, इस एप का संचालन कर रही हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनके पास एप में गड़बड़ियों को स्वीकार करने के स्क्रीनशॉट मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 31 दिसंबर तक चुनाव आयोग से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो टीएमसी आयोग का घेराव करेगी। अभिषेक बनर्जी ने 2 से 22 जनवरी तक राज्यभर में अभियान चलाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले किसी भी वैध मतदाता का नाम न हटे। यह अभियान दक्षिण 24 परगना से शुरू होकर राज्य के कई जिलों में चलेगा।