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कौन हैं अर्थशास्त्र का नोबेल पाने वाले अभिजीत बनर्जी, जेएनयू से भी की पढ़ाई

Mon, 14 Oct 2019 06:20 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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abhijit banerjee and esther duflo - फोटो : Twitter
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भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो को साल 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा। उनके साथ ही अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। तीनों को संयुक्त रूप से यह सम्मान दिया जाएगा। नोबेल पुरस्कार समिति ने कहा कि तीनों अर्थशास्त्रियों को 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गरीबी कम करने के उनके प्रयोगात्मक नजरिए' के लिए पुरस्कार दिया जा रहा है।

 

कौन हैं अभिजीत बनर्जी

58 वर्षीय अभिजीत बनर्जी अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) में अर्थशास्त्र पढ़ाते हैं। बनर्जी ने साल 1981 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की डिग्री (बीएससी) लेने के बाद 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई की। इसके बाद 1988 में उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरा किया। 

दुनिया से गरीबी कम करने की दिशा में योगदान

अभिजीत बनर्जी ने ऐसी आर्थिक नीतियों पर शोध किया, जो दुनियाभर में गरीबी को कम करने में सहायक साबित हुईं। बनर्जी ने साल 2003 में एस्थर डफ्लो और सेंडहिल मुलैंटन के साथ मिलकर अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लैब (जेपीएएल) की स्थापना की। साल 2009 में जेपीएएल को डिवेलपमेंट को-ऑपरेशन श्रेणी में बीबीवीए फाउंडेशन के फ्रंटियर नॉलेज अवॉर्ड से नवाजा गया। 

अभिजीत ने लिखीं कई किताबें 

अभिजीत बनर्जी आर्थिक मुद्दों पर बहुत से लेख लिख चुके हैं। वह 'पुअर इकनॉमिक्स' समेत चार किताबें लिख चुके हैं। इस किताब को गोल्डमैन सैक्स बिजनस बुक ऑफ द इयर का अवार्ड मिला। एमआईटी पर दिए गए उनके परिचय में यह भी बताया गया है कि उन्होंने दो डॉक्युमेंटरी फिल्मों का निर्देशन भी किया है। वह 2015 के बाद डेवलेपमेंट एजेंडा पर बनी यूएन सेक्रटरी जनरल के हाई-लेवल पैनल में भी रह चुके हैं। 
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बनर्जी ने अपनी किताब 'पुअर इकनॉमिक्स' में लिखा है, "मोरक्को के किसी व्यक्ति के पास अगर खाने के लिए पैसे नहीं हो, वह टेलिविजन क्यों खरीदेगा? गरीब क्षेत्रों में स्कूल जाने के बावजूद बच्चों को सीखने में इतनी कठिनाई क्यों होती है? क्या कई बच्चे पैदा होने से लोग और गरीब हो जाते हैं? अगर हम वाकई दुनियाभर की गरीबी को कम करना चाहते हैं तो ऐसे सवालों के जवाब ढूंढना जरूरी हैं।" 

अभिजीत की पत्नी एस्थर भी एमआईटी में प्रोफेसर

अभिजीत बनर्जी के साथ-साथ उनकी पत्नी एस्थर डफलो को भी अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है। डफ्लो भी एमआईटी में पढ़ाती हैं और पॉवर्टी एलेविएशन ऐंड डिवेलपमेंट इकनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं। फ्रांसीसी मूल की अमेरिकी अर्थशास्त्री डफ्लो ने इतिहास और अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई के बाद 1994 में पैरिस स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स (तब डेल्टा के नाम से मशहूर था) से एमए की डिग्री हासिल की।

साल 1999 में उन्होंने एमआईटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी किया। एमआईटी में उन्होंने अभिजीत बनर्जी की देखरेख में ही अपनी पीएचडी पूरी की क्योंकि बनर्जी उनके जॉइंट सुपरवाइजर थे। इस दौरान दोनों को एकदूसरे से प्यार हो गया और दोनों एक साथ रहने लगे। 2015 में दोनों ने औपचारिक तौर पर शादी कर ली। 
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