अमेरिका-ईरान संघर्ष की लागत पर विवाद बढ़ गया है। अब्बास अराघची ने पेंटागन के 25 अरब डॉलर के दावे को गलत बताते हुए 100 अरब खर्च बताया, पारदर्शिता पर सवाल उठे
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की लागत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वाशिंगटन पर वित्तीय बोझ को काफी कम आंकने का आरोप लगाया है। पेंटागन ने इस संघर्ष की लागत 25 अरब डॉलर बताई है, जबकि ईरान इसे चार गुना अधिक बता रहा है।
ईरान के आरोप और पेंटागन का अनुमान
अराघची ने पेंटागन पर संघर्ष की वास्तविक लागत छिपाने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, अमेरिका को अब तक 100 अरब रुपये का सीधा खर्च आया है, जो आधिकारिक आंकड़े से चार गुना अधिक है। उन्होंने अप्रत्यक्ष लागतों को भी कहीं अधिक बताया, जिससे प्रत्येक अमेरिकी परिवार पर मासिक 500 डॉलर का बिल पड़ रहा है। इसके विपरीत, पेंटागन के अधिकारी जूल्स हर्स्ट ने 25 अरब डॉलर का अनुमान दिया, जिसमें मुख्य रूप से गोला-बारूद पर खर्च शामिल है।
पारदर्शिता और लागत का औचित्य
जूल्स हर्स्ट के अनुमान में दीर्घकालिक खर्चों की स्पष्टता न होने पर एडम स्मिथ ने सवाल उठाए। स्मिथ ने कहा कि वे लंबे समय से इन आंकड़ों की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 25 अरब रुपये का आंकड़ा नासा के वार्षिक बजट के बराबर है, जिससे अनुमान की सटीकता पर प्रश्नचिह्न लगा है। पीट हेगसेथ ने खर्च का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना इस लागत को उचित ठहराता है। उन्होंने युद्ध की आलोचना को लापरवाह और हारवादी बताया।