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जेब में रखे फोन से दो मई को आने लगे डरावनी आवाज?: घबराएं नहीं, सरकार कर रही है बड़े खतरे से निपटने की तैयारी

Fri, 01 May 2026 07:17 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

मोबाइल पर बजने वाला सायरन दरअसल आपदा से सुरक्षा का डिजिटल कवच है। सरकार सेल ब्रॉडकास्ट के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि मुसीबत आने से पहले आपकी स्क्रीन पर चेतावनी पहुंच जाए, जिससे हर जान सुरक्षित रहे। यह है क्या? खबर में जानिए...
 
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इमरजेंसी अलर्ट ( प्रतीकात्मक तस्वीर-AI) - फोटो : @ChatGPT
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विस्तार
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अगर इस हफ्ते आपके मोबाइल फोन पर अचानक कोई तेज बीप सुनाई दे या फिर अचानक स्क्रीन पर चौंकाने वाला इमरजेंसी अलर्ट फ्लैश हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि भारत सरकार के परीक्षण का हिस्सा है। केंद्र सरकार एक नए इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग कर रही है। इसके तहत किसी खास इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ इमरजेंसी संदेश भेजने की क्षमता को परखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, दो मई को इसका परीक्षण होगा। 
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इसकी जरूरत क्या है? 
यह पूरी कवायद दूरसंचार विभाग (डीओटी) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) मिलकर कर रही है। इस पूरी प्रणाली को सचेत प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा गया है। इस खास अलर्ट सिस्टम को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से तैयार किया है।

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक है। आमतौर पर भेजे जाने वाले एसएमएस से यह बिल्कुल अलग है। इसकी खास बात यह है कि आपदा के समय जब मोबाइल नेटवर्क पर भारी दबाव होता है और कॉल या मैसेज फेल होने लगते हैं, तब भी यह तकनीक बिना किसी रुकावट के एक साथ हजारों लोगों को चेतावनी संदेश पहुंचा सकती है। सरकार इसका उपयोग सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ गैस लीक या केमिकल ब्लास्ट जैसी आपात स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए करेगी। ऐसा ही एक सफल परीक्षण साल 2023 में बंगलूरू में हुआ था। 
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चल रहा है देशव्यापी ट्रायल
वर्तमान में इस सिस्टम का देशव्यापी ट्रायल चल रहा है। इस परीक्षण के दौरान लोगों को अंग्रेजी, हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश मिल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग मोबाइल टावरों की क्षमता जांची जा रही है, इसलिए कुछ यूजर्स को यह अलर्ट एक से अधिक बार भी मिल सकता है। सरकार ने कहा कि यह केवल एक ट्रायल है। इस मैसेज को पाने के बाद जनता को कोई एक्शन लेने या जवाब देने की जरूरत नहीं है।
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भविष्य में किसी भी आपदा से पहले मिल सकती है सूचना
अगर आप देखना चाहते हैं कि आपके फोन में यह सुविधा चालू है या नहीं, तो आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर सेफ्टी एंड इमरजेंसी विकल्प के अंदर वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट को चेक कर सकते हैं। एक बार जब ये ट्रायल पूरे हो जाएंगे और सिस्टम आधिकारिक तौर पर लॉन्च हो जाएगा, तो भविष्य में किसी भी वास्तविक आपदा के दौरान यह सिस्टम कुछ ही सेकंड के भीतर प्रभावित क्षेत्र के हर नागरिक तक सूचना पहुंचा देगा।

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