इससे पहले, हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के अवकाश अधिकारी की ओर से सूचना दी गई है कि लॉ छात्र ऋषभ रंजन की ओर से छह अक्तूबर को यह पत्र लिखा गया था। जिसमें बताया गया कि मुंबई के आरे के जंगल में पेड़ काटे जा रहे हैं। पत्र को जनहित याचिका के तौर पर रजिस्टर्ड कर लिया गया है और सोमवार को सुबह 10 बजे सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा।
पत्र में कहा गया कि मुंबई प्रशासन द्वारा शहर के फेफड़े कहे जाने वाले इन पेड़ों को काटा जा रहा है। इतना ही नहीं शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध करने वाले हमारे दोस्तों को भी जेल में डाल दिया गया। हमारे पास उपयुक्त याचिका दायर करने के लिए समय नहीं था, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट अपने न्यायिक क्षेत्राधिकार का प्रयोग कर इसमें तत्काल हस्तक्षेप करे।
मुंबई में पेड़ों की कटाई का विरोध तेज होता देख रविवार को पुलिस ने आरे कॉलोनी पहुंचने का प्रयास कर रहे वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के नेता प्रकाश अंबेडकर को हिरासत में ले लिया था। अंबेडकर पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समर्थन में आरे कॉलोनी जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बीच में हिरासत में ले लिया।
मालूम हो कि कार शेड के निर्माण के लिए मेट्रो प्रबंधन ने पेड़ों की कटाई शुरू की थी, जिसका मुंबई समेत बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। शनिवार को पुलिस ने पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे करीब 29 सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसी क्रम में अंबेडकर रविवार को गोरेगांव स्थित आरे कॉलोनी पहुंचे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि, कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया था।
इस बीच, रविवार को भी पेड़ों की कटाई जारी रही। इस दौरान विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आरे कॉलोनी के पांच प्रवेश द्वारों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे इलाके में शनिवार से धारा 144 लागू की थी, जो रविवार को भी जारी रही। पुलिस ने कहा कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।
अतिरिक्त सत्र अदालत ने पेड़ कटाई का विरोध करने पर पिछले दो दिनों में गिरफ्तार हुए 29 प्रदर्शनकारियों को सशर्त जमानत दे दी है। इन पर सरकारी काम में बाधा डालने और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने आरोप है। जज एचसी शिंदे ने प्रदर्शनकारियों को 7-7 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी। इस पूरे मामले पर अब अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।