भाजपा सांसद राकेश सिन्हा ने आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि अगर वह दलितों की सच्ची हितैषी होने का दावा करती है तो वह अगले चुनाव में किसी दलित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करे। वे आप सांसद संजय सिंह के उस आरोप पर जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने आरएसएस और भाजपा को दलित विरोधी बताया था।
बुधवार को राज्यसभा में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के लिए लाए गए बिल पर बहस करते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है जिसमें गरीब सवर्णों को आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। बिना पूरी चर्चा के अचानक इस बिल को पास करने के आरोप पर सिंहा ने कहा कि 1976 में इंदिरा गांधी की सरकार के समय संविधान में सोशलिज्म शब्द जोड़ा गया था। लेकिन उस समय इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई थी।
सिन्हा ने कहा कि संविधान सभा के सदस्यों ने अल्पसंख्यक शब्द को शब्दकोश से हटाने की बात कही थी क्योंकि उनका मानना था कि यह शब्द अंग्रेजों के द्वारा चली गई एक चाल थी जिसमें वे इस देश के लोगों को धार्मिक आधार पर बांटना चाहते थे। लेकिन सपा नेता रामगोपाल यादव और बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने आज धार्मिक आधार पर अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने की मांग कर उस बात को जीवित कर दिया।