Raghav Chadha: राघव चड्ढा ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारणों में पराली जलाना इसका इकलौता कारण नहीं है। आईआईटी के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि वायु प्रदूषण के सभी कारणों में पराली जलाना एक कारण है, एकमात्र कारण नहीं।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पराली की समस्या का समाधान बताया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि यदि पंजाब और हरियाणा के किसानों को प्रति एकड़ ₹2500 का आर्थिक योगदान दिया जाए तो किसान पराली जलाना बंद कर देंगे और इससे दिल्ली में होने वाले वायु प्रदूषण की एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।
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राघव चड्ढा ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारणों में पराली जलाना इसका इकलौता कारण नहीं है। आईआईटी के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि वायु प्रदूषण के सभी कारणों में पराली जलाना एक कारण है, एकमात्र कारण नहीं। उन्होंने कहा कि किसानों को मजबूरी में पराली जलाना पड़ता है। उन्हें धान की फसल के बाद जल्द से जल्द 10-15 दिनों के अंदर दूसरी फसल के लिए खेत को साफ करना पड़ता है। मशीनों से पराली को हटाने पर प्रति एकड़ दो से ₹3000 का खर्च आता है। पहले ही आर्थिक दबाव में गुजर रहा किसान यह लागत नहीं खर्च कर पाता है। यही कारण है कि किसान पराली जलाने पर मजबूर होता है।
उन्होंने कहा कि इसके बदले में यदि पंजाब और हरियाणा के किसानों को ₹2500 प्रति एकड़ की दर से आर्थिक मुआवजा दे दिया जाए तो किसान पराली जलाना बंद कर देगा और इससे दिल्ली के वायु प्रदूषण की एक बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है। राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब को इस समस्या से बचाने के लिए फसल विविधता पर भी ध्यान देना होगा, लेकिन यह लंबी अवधि का सुझाव हो सकता है। लेकिन तात्कालिक रूप से पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को मुआवजा देना अच्छा विकल्प हो सकता है।